देहरादून में राहुल की एंट्री से पहले BJP का पलटवार, कांग्रेस के कार्यकाल पर उठाए सवाल

देहरादून: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उनके सोशल मीडिया पोस्ट पर तीखा पलटवार किया है। भाजपा आईटी सेल के राष्ट्रीय संयोजक अमित मालवीय ने राहुल गांधी के उस बयान का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने उत्तराखंड को पेपर लीक का “Epicentre” बताया था।

 

अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट साझा करते हुए कहा कि राहुल गांधी को देहरादून आने से पहले उत्तराखंड के युवाओं और जनता को पूरा सच भी बताना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि राज्य में भर्ती घोटालों की शुरुआत कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में हुई थी।

 

मालवीय ने अपने पोस्ट में तत्कालीन मुख्यमंत्री एन.डी. तिवारी सरकार के दौरान दरोगा भर्ती और पटवारी भर्ती में कथित अनियमितताओं का उल्लेख किया। साथ ही हरीश रावत सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2016 की यूकेएसएसएससी (UKSSSC) वीपीडीओ भर्ती परीक्षा, सिडकुल भर्ती विवाद तथा अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में सामने आए मामलों का भी जिक्र किया।

 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में जब यूकेएसएसएससी भर्ती घोटाला सामने आया तो सरकार ने मामले को दबाने के बजाय सख्त कार्रवाई की। मालवीय के अनुसार, राज्य में नकल विरोधी कड़ा कानून लागू किया गया, 100 से अधिक नकल माफियाओं को गिरफ्तार किया गया और भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले चार वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

 

अपने बयान में अमित मालवीय ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान भर्ती घोटाले होते रहे, जबकि वर्तमान सरकार ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर व्यवस्था में सुधार किया है। उन्होंने राहुल गांधी से युवाओं के भविष्य पर राजनीति करने के बजाय कांग्रेस शासनकाल के भर्ती घोटालों पर जवाब देने की भी मांग की।

 

हालांकि, अमित मालवीय के पोस्ट में कांग्रेस शासनकाल का जिक्र करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के कार्यकाल का उल्लेख नहीं किया गया। उल्लेखनीय है कि विजय बहुगुणा वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी में हैं।

 

राहुल गांधी आज देहरादून के बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं से संवाद करने वाले हैं। उनके दौरे से पहले पेपर लीक और भर्ती घोटालों को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है।

 

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