उत्तराखंड: गढ़वाल के पंडित ने मंदिर में प्रवेश करने से मना कर दिया क्योंकि शादी करने आया जोड़ा दलित जाती से था। पंडित ने जोड़े को मंदिर में शादी करने की अनुमति देने से भी मना कर दिया और गंदी जातिवादी गलियों देकर जोड़े का अपमान भी किया।
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल स्थित सांगुडा सेरा गांव में रह रहे पंडित सेलवाल पर केस दर्ज हुआ है। ये कैस दुल्हन के पिता ने दर्ज कराया था। पिता का आरोप है कि पंडित ने जोड़े की शादी करवाने से और मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया था।बता दें कि शादी करने आया जोड़ा पिछड़े वर्ग यानी दलित जाती से था जिस कारण पंडित ने जोड़े को मंदिर में प्रवेश करने से मना कर दिया था। जिसके बाद दुल्हन के पिता ने पंडित के खिलाफ केस दर्ज करवाया।
बारात लेकर पहुंचे तो बंद थे यज्ञशाला के दरवाज़े
गांव के निवासी नितिन कैंथोला ने बताया कि, यज्ञशाला जहां शादी होती है उसके दरवाजे कभी बंद नहीं होते थे लेकिन पंडित सेलवाल नहीं चाहते थे कि बारात अंदर जाए इसलिए उन्होंने दरवाजे बंद रखे थे।साथ ही बताया कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था की जाती को लेकर शादी रोकी गई हो।
आपसी मदभेत के कारण हुआ विवाद?
ये घटना जब मजिस्ट्रेट रेखा आर्या तक पहुंची तो उन्होंने राजस्व पुलिस को मामले की जांच करने को कहा। मामले की जांच कर रहे पौड़ी सदर के सर्किल ऑफिसर त्रिवेंद्र सिंह राणा ने बताया , मंदिर के मालिकों के बीच मदभेत होने के कारण ये सब हुआ है, पुलिस जाँच कर रही है कि इसमें कोई जातिगत पहलू तो नहीं है।
सब इंस्पेक्टर राजेश बिष्ट ने बताया कि जब अंकिता और अजय दोनों 5 मार्च को जब शादी करने पहुंचे तब पुजारी नागेन्द्र सेलवाल ने उन्हें जातिसूचक गालियां दी जिसके कारण दोनों समय पर शादी नहीं कर पाए। एसआई ने बताया कि जब उन्हें ये बात बताई गई वहां के लोगों द्वारा तब उन्होंने पुजारी सेलवाल को फोन कर के दरवाजा खोल कर उन्हें अन्दर जाने देने के लिए कहा।