देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर जरूरतमंद बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास को आधुनिक और सुविधाजनक स्वरूप दिया जा रहा है। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से छात्रावास में बच्चों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ ऊर्जा और मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। छात्रावास की क्षमता करीब 100 बच्चों की होगी।

छात्रावास की छत पर 10 केवीए क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कर दिया गया है। सौर ऊर्जा के उपयोग से आवासीय परिसर में बिजली की सुविधा को मजबूती मिलेगी और ऊर्जा की बचत को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं, बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कमरों के लिए करीब 10 कूलर भी उपलब्ध करा दिए गए हैं, जिन्हें जल्द ही कमरों में स्थापित किया जाएगा।
छात्रावास में सामूहिक गतिविधियों और बच्चों की अन्य आवश्यकताओं के लिए एक नए हॉल का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हॉल का उपयोग बच्चों की सामूहिक गतिविधियों, शैक्षणिक कार्यक्रमों, बैठकों और अन्य आयोजनों के लिए किया जाएगा।
आवासीय छात्रावास में बच्चों के लिए भोजन और रहने की व्यवस्था की गई है। यहां 6 से 18 वर्ष तक के बच्चों को हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें अनाथ बच्चे, जिनके एक या दोनों माता-पिता नहीं हैं, बेहद कम वार्षिक आय वाले परिवारों के बच्चे, अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चे, दिव्यांग बच्चे, कूड़ा बीनने वाले, भिक्षावृत्ति में लगे तथा शहरी वंचित वर्ग के बच्चे शामिल होंगे। इसके अलावा विशेष देखभाल की आवश्यकता वाले बच्चों को भी सुरक्षित आवास और संरक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
इस पहल का उद्देश्य बच्चों को केवल आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित वातावरण, शिक्षा और बेहतर भविष्य का अवसर प्रदान करना है। योजना के माध्यम से ऐसे बच्चों को शिक्षा से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, जिन्हें सामाजिक या आर्थिक परिस्थितियों के कारण सामान्य पारिवारिक और शैक्षिक वातावरण उपलब्ध नहीं हो पाता।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप प्राधिकरण विकास कार्यों के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़ी परियोजनाओं को भी प्राथमिकता दे रहा है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास में बच्चों की सुविधा के लिए 10 केवीए सोलर प्लांट स्थापित किया गया है और कमरों के लिए कूलर उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि करीब 100 बच्चों की क्षमता वाला यह छात्रावास जरूरतमंद बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्राधिकरण का प्रयास है कि बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिलें और वे शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनें।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि छात्रावास में बच्चों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। सोलर प्लांट की स्थापना के साथ कमरों में कूलर लगाए जा रहे हैं, जबकि एक हॉल के निर्माण की टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि यहां रहने वाले बच्चों को सुरक्षित, सुविधाजनक और सकारात्मक वातावरण मिले, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें और भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।