केदारनाथ धाम के लिए नए रावल की तैयारी शुरू, भीमाशंकर लिंग ने केदार लिंग को घोषित किया उत्तराधिकारी

ऊखीमठ। केदारनाथ धाम के लिए अगले वर्ष नए रावल की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर वर्तमान रावल भीमाशंकर लिंग ने केदार लिंग को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया।

ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में पंचगाई एवं गोठ गांव की बैठक के दौरान रावल ने आधिकारिक रूप से अपने उत्तराधिकारी की घोषणा की। पिछले कुछ दिनों से इस विषय को लेकर जो विवाद चल रहा था, वह भी अब शांत हो गया है।

बताया गया है कि इस वर्ष की केदारनाथ यात्रा वर्तमान रावल भीमाशंकर लिंग की मौजूदगी में ही संपन्न होगी, जबकि आगामी यात्रा के लिए नए रावल के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

रावल भीमाशंकर लिंग ने पंचगाई समिति को विश्वास में लेते हुए उत्तराधिकारी का चयन किया है। साथ ही बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष से आग्रह किया है कि आगामी समय में केदार लिंग को रावल नियुक्त करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाए।

रावल ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2015 में ही केदार लिंग को अपना शिष्य बना लिया था। उनके अनुसार, केदार लिंग सभी आवश्यक योग्यताएं रखते हैं। जल्द ही संबंधित पत्रावली बदरी-केदार मंदिर समिति को भेजी जाएगी, जिसके बाद समिति नियमानुसार नियुक्ति पत्र जारी करेगी और रावल चयन की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।

22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट

केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल की सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। महाशिवरात्रि के अवसर पर बदरी-केदार मंदिर समिति के वेदपाठियों और आचार्यों ने ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में कपाट खोलने का शुभ मुहूर्त निकाला।

परंपरा के अनुसार, रावल भीमाशंकर लिंग ने विधिवत तिथि और मुहूर्त की घोषणा की।

कपाट खुलने से पूर्व कार्यक्रम

18 अप्रैल: ओंकारेश्वर मंदिर में भैरवनाथ की विशेष पूजा

19 अप्रैल: बाबा केदार की चल विग्रह डोली ऊखीमठ से फाटा के लिए प्रस्थान

20 अप्रैल: गौरीकुंड में रात्रि विश्राम

21 अप्रैल: डोली केदारनाथ धाम पहुंचेगी

22 अप्रैल, सुबह 8 बजे: मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे

चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ गया है और तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

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