Kedarnath Heli Service: चार धाम यात्रा 30 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। यात्रा के रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन और ऑफलाइन करे जा रहे हैं। इसी बीच आज से हेली सर्विस के भी रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं और साइबर ठगों के लिए एक और मौका भी मिल चुका है लोगों को ठगने का,लेकिन इस बार साइबर टीम ने भी पहले से ही कर ली है तैयारी, ठगो के लिए बनाई गई है नई साइबर टीम।
चार धाम यात्रा के लिए तैयारी जोरो शोरो से चल रही है। तो वहीं आज से हेलीकॉप्टर से केदारनाथ धाम जाने के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं। लेकिन हर साल रजिस्ट्रेशन के दौरान साइबर ठग अलग अलग तरह की असल दिखने वाली वेबसाइट्स बनाते हैं और लोगों को ठगते है। रजिस्ट्रेशन के नाम पर लोगों से हजारों रुपए ठगते है और निकाली टिकट तक बेचते हैं।
आपको बता दें पिछले साल साइबर ठग के 40 से भी ज्यादा मुकदमे अलग-अलग जगहों पर दायर हुए थे। ये ठग असली वेबसाइट से मिलती झूलती फेक वेबसाइट बनाते हैं और लोगों को तरह तरह के लुभाने वाले ऑफर और विज्ञापन देकर आकर्षित करते हैं।
पुलिस ने 2024 के जून तक इसी फर्जी 84 वेबसाइट्स को बंद करवाया था और 45 फेक फेसबुक पेज भी बंद करवाए।
अधिकारियों की टीम करी गई है गठित
इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए इस साल एसटीएफ ने शुरुवात में ही चार थाने के अधिकारियों की टीम गठित करी है। ये टीम इंटरनेट पर फर्जी वेबसाइट्स और झूठे विज्ञापन देने वाले सोशल मीडिया वाले पेज की निगरानी कर रही है ताकि इन वेबसाइट और पेज को बंद कर दिया जाए और लोग उनके झांसे में ना आए। टीम पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सीईओ साइबर अंकुश संभाल रहे हैं।
सिर्फ आईआरसीटीसी है ऑफिशियल वेबसाइट
टिकट बुक कराने के लिए केवल एक ही वेबसाइट को कम सौंपा गया है जो कि है आईआरसीटीसी की वेबसाइट।इस वेबसाइट पर कोई मोबाइल नंबर या कॉन्टैक्ट नंबर नहीं दिया जाता है, लेकिन फर्जी वेबसाइट और पेज पर कॉन्टैक्ट नंबर दिया जाता है ताकि लोग उनसे बात कर सके और ठग उन्हें बातों में फंसा ले।
ऐसे करे फर्जी वेबसाइट की पहचान
– वेबसाइट पर हेली सर्विस का लोगो और नाम लिखा रहता है।
– इन वेबसाइट में कॉन्टैक्ट उस में नंबर दिया जाता है जबकि ऑफिशियल वेबसाइट में कोई नंबर दर्ज नहीं होता है
– फर्जी वेबसाइट पर पेमेंट करने के बाद आपको हेली सेवा प्रदाता कंपनी से नहीं मिलेगी।
– फर्जी वेबसाइट पर आकर्षित विज्ञापन दिए जाते हैं जैसे एक पर एक टिकट फ्री, टिकटों पर प्राइस की छूट
– फर्जी वेबसाइट अपने पर्सनल खातों में पेमेंट करवाते हैं जबकि ऑफिशियल वेबसाइट निर्धारती गेटवे का इस्तेमाल करती है।