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कानपुर से शुरू हुआ “I Love Muhammad” विवाद, FIR और प्रदर्शनों से बढ़ा तनाव

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में बरावफात जुलूस के दौरान लगाया गया “I Love Muhammad” बैनर अब बड़े विवाद का कारण बन गया है। यह विवाद 4 सितंबर 2025 को उस समय शुरू हुआ, जब सैयद नगर इलाके की ज़फ़र वाली गली में जुलूस आयोजकों ने एक लाइट बोर्ड और टेंट लगाया। इस स्थान पर परंपरागत रूप से राम नवमी जुलूस गुजरता है, जिसके चलते स्थानीय हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई। विवाद की शुरुआत बरावफात जुलूस हर साल तय मार्गों से निकलता है, लेकिन इस बार आयोजकों ने परंपरा से हटकर नया स्थान चुना और वहाँ “I Love Muhammad” लिखा बैनर लगाया। हिंदू समुदाय ने इसे “नई परंपरा थोपने” की कोशिश बताया और विरोध जताया। चश्मदीदों के मुताबिक, मौके पर बहस और नोकझोंक भी हुई और बहस भी हुई थी। कहाँ-कहाँ फैला विवाद? कानपुर से शुरू यह विवाद अब कई राज्यों में फैल चुका है जिसमें उत्तर प्रदेश के कानपुर के अलावा उन्नाव, बरेली, कौशांबी, लखनऊ और महाराजगंज में भी प्रदर्शन और विरोध देखने को मिले। महाराष्ट्र में नागपुर में भी प्रदर्शनकारियों ने रैली निकाली और नारेबाजी की। तेलंगाना के हैदराबाद में मुस्लिम संगठनों ने इस मामले पर रैलियाँ कीं और उत्तराखंड के गंगाघाट समेत कुछ क्षेत्रों में तनाव की स्थिति बनी रही और प्रदर्शन भी हुए। प्रदर्शन और प्रतिक्रियाएँ मुस्लिम संगठनों ने कहा कि “I Love Muhammad” श्रद्धा का प्रतीक है और इसे अपराध बताना धार्मिक स्वतंत्रता पर चोट है।कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए और सोशल मीडिया पर #ILoveMuhammad कैंपेन शुरू हो गया।AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस पर बयान देते हुए कहा कि “यह आस्था का मामला है, FIR तुरंत वापस होनी चाहिए।”दूसरी ओर, हिंदू संगठनों ने इसे धार्मिक उकसावे की कोशिश बताया और कड़ा विरोध जताया। पुलिस और प्रशासन का पक्ष 9 सितंबर को रावतपुर थाना पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज की, जिसमें 24 लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें 9 नामजद और 15 अज्ञात शामिल हैं। नामजद आरोपियों में शरफत हुसैन, बाबू अली, मोहम्मद सिराज, फाज़ू रहमान, इक़राम अहमद, इक़बाल, सहनूर आलम समेत अन्य शामिल हैं।पुलिस का कहना है कि FIR बैनर के टेक्स्ट को लेकर नहीं, बल्कि “ग़ैर-परंपरागत स्थान पर टेंट और बैनर लगाने” और “जुलूस के दौरान धार्मिक पोस्टर फाड़ने” की घटनाओं को लेकर दर्ज की गई है। कानपुर पुलिस के डीसीपी दिनेश त्रिपाठी के मुताबिक, सरकार का नियम है कि जुलूस में किसी तरह की नई परंपरा नहीं डाली जाएगी लेकिन जुलूस के दौरान कुछ लोगों ने नई परंपरा डालते हुए परंपरा वाली जगह से हटाकर नई जगह लगाया और I Love Muhammad का पोस्टर भी लगाया गया था, जिसके लिए केस दर्ज किया गया है ना कि I Love Muhammad को लेकर। साथ ही बताया कि CCTV और वीडियो फुटेज के आधार पर जाँच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

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