रुड़की : रुड़की कारागार में बंद मेरठ निवासी कुख्यात बदमाश विनय त्यागी पर लक्सर एसीजेएम कोर्ट में पेशी के दौरान दिनदहाड़े हमला किया गया। इस मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद एसएसपी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए एक सब-इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया है। वहीं पूरे घटनाक्रम की जांच पुलिस अधीक्षक ग्रामीण को सौंपी गई है।

क्या है पूरा मामला
घटना बुधवार दोपहर करीब एक बजे की है। विनय त्यागी को धोखाधड़ी के एक मामले में रुड़की कारागार से लक्सर कोर्ट लाया जा रहा था। उसे सरकारी टाटा सूमो वाहन से छह पुलिसकर्मियों की सुरक्षा में ले जाया जा रहा था। जब वाहन लक्सर-हरिद्वार हाईवे पर ओवरब्रिज के बीच पहुंचा, तभी जाम लगने के कारण गाड़ी रोकनी पड़ी।
इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे दो बाइकों पर सवार नकाबपोश बदमाशों ने अचानक पुलिस वाहन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में विनय त्यागी को तीन गोलियां लगीं और वह वाहन के अंदर ही गिर पड़ा। हालांकि पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए, लेकिन दो पुलिसकर्मियों को चोट आई है।
फायरिंग के बाद बदमाश हथियार लहराते हुए भीड़ के बीच से फरार हो गए। घायल विनय त्यागी को तुरंत लक्सर सीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही एसपी देहात शेखर चंद सुयाल, सीओ नताशा सिंह, कोतवाली प्रभारी राजीव रौथाण सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी हथियार लेकर बदमाशों के पीछे भागते दिख रहे हैं, लेकिन गोली चलाते नजर नहीं आ रहे। वीडियो में एक राहगीर यह कहते हुए सुनाई देता है कि “किसे पकड़ें, आपने तो गोली चलाई ही नहीं।” इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
दिनदहाड़े हुए इस हमले को बदमाशों की ओर से पुलिस को खुली चुनौती माना जा रहा है। मामले की जांच जारी है और आगे और भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।