बागेश्वर: राष्ट्रीय राजमार्ग गरुड़-बागेश्वर पर रवाईखाल के समीप पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। मार्ग पर गिरे मलबे को हटाने के लिए बीआरओ की टीम सुबह से ही जुटी हुई है, लेकिन दिन के समय मलबा हटाने का कार्य किए जाने से सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग रहा है। इससे स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी से पत्थर गिरने की समस्या लगातार बनी हुई है तो मलबा हटाने के लिए एक निर्धारित समय सारिणी तय की जानी चाहिए। सुबह के समय मार्ग पर यातायात का दबाव अधिक रहता है। स्कूल जाने वाले वाहन, शिक्षक-कर्मचारी, चिकित्सक, फार्मासिस्ट समेत बड़ी संख्या में लोग इसी दौरान इस मार्ग से गुजरते हैं। मलबा हटाने के दौरान मार्ग बाधित होने से लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है।
लोगों का सुझाव है कि सुबह 10 बजे के बाद मलबा हटाने का कार्य शुरू किया जाए और एक-दो घंटे के अंतराल में मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया जाए। इसी तरह शाम छह बजे के बाद दोबारा मलबा हटाने का कार्य किया जाए, ताकि दिन के व्यस्त समय में यातायात व्यवस्था बाधित न हो।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्धारित समय सारिणी नहीं होने के कारण आए दिन जाम की समस्या बनी रहती है। जाम में दूध, फल-सब्जी और अन्य जरूरी सामग्री लेकर आने वाले वाहन भी फंस रहे हैं। इससे स्थानीय बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
लोगों ने जिलाधिकारी से मामले का तत्काल संज्ञान लेने और बीआरओ को मलबा हटाने के लिए व्यावहारिक समय सारिणी निर्धारित करने के निर्देश देने की मांग की है।
स्थानीय निवासी विपिन जोशी, खीम सिंह ऐठानी, भास्कर तिवारी और मनोज कुमार आदि ने कहा कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और मलबा हटाने के कार्य का समय निर्धारित नहीं किया गया तो स्थानीय लोगों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।