गैरसैंण:ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के उप जिला अस्पताल में हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। यहाँ सुशीला देवी (25 वर्ष) नाम की गर्भवती महिला और उनके नवजात शिशु की दूसरे अस्पताल में रेफर करने के कारण मौत हो गई। इस हादसे के बाद इलाके में भारी आक्रोश है और ग्रामीणों ने मंगलवार को तहसील कार्यालय का घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया।

कैसे हुई घटना
जानकारी के अनुसार, सुशीला देवी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे गैरसैण के अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों ने डिलीवरी कराई, लेकिन नवजात मृत पैदा हुआ। यह सुनकर सुशीला देवी सदमे में चली गईं और उनकी हालत बिगड़ने लगी। उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अगस्त महीने में यहां 33 सुरक्षित प्रसव कराए गए थे, लेकिन यह एक दुर्भाग्यपूर्ण मामला रहा।
प्रदर्शन और लोगों की मांगें
इस घटना से नाराज़ ग्रामीणों ने मंगलवार को अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ विरोध जताया। उनका आरोप है कि अस्पताल में सुविधाओं की भारी कमी है और लापरवाही के चलते निर्दोष जानें जा रही हैं।
ग्रामीणों ने सरकार से ये मांगें रखीं:
गर्भवती महिलाओं को रेफर करने की स्थिति में एक विशेषज्ञ डॉक्टर उनके साथ भेजा जाए।
रेफर मरीज के इलाज और यात्रा का पूरा खर्च सरकार उठाए।
अगर ऐसी घटनाओं में किसी की जान जाती है, तो परिवार को मुआवजा राशि दी जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल
स्थानीय लोग कहते हैं कि गैरसैंण जैसे पहाड़ी और दूरस्थ इलाके में अस्पतालों की हालत बेहद खराब है। विशेषज्ञ डॉक्टरों और पर्याप्त संसाधनों की कमी के कारण हर साल कई महिलाओं और बच्चों की जान जोखिम में पड़ती है।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने घटना की रिपोर्ट तलब की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी और लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई होगी।