देहरादून: देहरादून राजधानी में मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया था। इस दौरान देहरादून में जमकर बारिश हुई। बारिश में पूरा देहरादून शहर पानी-पानी हो गया था। दून शहर में जगह जगह जलभराव हो गया है। जिससे जन जीवन अस्तव्यस्त हो गया है। भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने आज स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर जमकर बरस रहा है। देहरादून में देर रात से ही जमकर बारिश हो रही है। कई इलाकों में हुआ जलभराव और नदी नाले उफान पर आ गए हैं। राजधानी देहरादून में मूसलाधार बारिश का कहर, कांवली रोड पुल के ऊपर आया नदी का पानी।रिस्पना नदी एवं बिंदाल नदी टोंस नदी सभी बरसाती नदीयां अपने उफान पर बह रही है, आस पास के घर खाली करा दिए गए है।

इस दौरान बारिश के कहर की वीडियो स्थानीय लोगो ने शेयर की है। जो सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक देहरादून के नालापानी क्षेत्र में जलभराव देखने को मिलेगा।रायपुर क्षेत्र में आधा दर्जन से ज्यादा गाय एक के बाद एक बहती नजर आ रही है! साथ ही अन्य जिलों में भी कहीं,कहीं आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र वर्षा के दौर होने की आशंका है।

साथ ही देहरादून के कुछ इलाकों में घरों में भी पानी घुसने की सूचना है, जबकि गली-मोहल्ले में भी सड़कें तालाबों में तब्दील हैं। वही, भारी बारिश के बाद सड़कें नदी में तब्दील हो गई थी। आईटी पार्क के एक बिजलीघर में पानी की रफ्तार डराने वाली थी। देहरादून के कुछ इलाकों में घरों में भी पानी घुसने की सूचना है, लागातार हो रही भारी बारिश के कारण सड़के व नाले उफान आनके के कारण द्वोत्र के लोगो एवं आने जाने वाले राहगीरों को भी परेशानियों का सामने करना पड़ रहा है। इस दौरान जानकारी के मुताबिक सोमवार 11 अगस्त को देहरादून के प्राचीन टपकेश्वर मंदिर के नीचे बहने वाली तमसा नदी भी उफान पर थी।तमसा नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी मंदिर के अंदर तक चला गया था।
कहाँ कहाँ हुआ नुकसान और कितने मकान ढहे
ब्रहमपुरी रोहिया नगर में 2 मकान और लक्ष्मण चौक, गोविंदगढ़ पुल के पास 1 मकान गिरा। गरिमत है कि मकान गिरने से कोई हताहत नहीं हुआ।
पुरकुल राजपुर रोड, ईश्वर विहार, केनाल रोड, मलिक चौक, ब्रहमवाला और धोरण में पेड़ गिरकर रास्ते अवरुद्ध हुए, जिन्हें हटाने का काम जारी है।
गुनियाला गांव के पास पहाड़ दरकने से मलबा सड़क पर आ गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
आईटी पार्क और ईश्वर विहार रायपुर में पानी भरने से कई लोग घरों और वाहनों में फंस गए, जिन्हें SDRF, पुलिस और प्रशासन की टीम ने सुरक्षित निकाला।
गणेश एन्क्लेव, किशनपुर कैनाल रोड, नत्थनपुर, गुच्चुपानी, माजरा, विधानसभा क्षेत्र, विदांल झुग्गी, पथरिया पीर विजयपुर कॉलोनी, पटेल नगर, कालिदास रोड सहित 91 इलाकों में पानी भरा, जहां डी-वॉटरिंग मशीनें लगातार काम कर रही हैं।
सड़कें और यातायात:
हालात ऐसे हैं कि कई प्रमुख सड़कों पर छोटे वाहन डूबते नज़र आ रहे हैं। हालांकि 12 राष्ट्रीय राजमार्ग और 19 राज्य मार्ग खुले हैं, लेकिन 346 ग्रामीण मार्गों में से 14 अब भी बंद हैं।

राहत और चेतावनी:
रिस्पना क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए होटल शिवालिक द्रोणपुरी, धर्मपुर को राहत शिविर में बदल दिया गया है। यहां पीड़ितों के लिए भोजन, पानी और ठहरने की सुविधा है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नदी-नालों से दूर रहें और मौसम विभाग के अलर्ट पर नज़र रखें।
लोगों की मुश्किलें:
बारिश ने बिजली और पानी की सप्लाई पर भी असर डाला है। कई कॉलोनियों में घंटों से बिजली गुल है, जबकि पानी भरने से दुकानों में सामान खराब हो रहा है। सोशल मीडिया पर लोग अपने-अपने इलाकों की तस्वीरें और वीडियो साझा कर रहे हैं, जिनमें सड़कों पर घुटनों तक पानी और बहते हुए मलबे के दृश्य साफ देखे जा सकते हैं।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा, “प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव का कार्य तेज़ी से जारी है। हमारी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है। सभी से अपील है कि अनावश्यक बाहर न निकलें और नदी-नालों के पास न जाएं। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कंट्रोल रूम या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।”