देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने योजना के तहत छह जनपदों की 484 महिलाओं के खातों में 3 करोड़ 45 लाख 34 हजार 500 रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की।
प्रथम चरण में योजना का लाभ बागेश्वर (42), देहरादून (191), नैनीताल (75), पौड़ी (66), टिहरी (23) और ऊधम सिंह नगर (87) जनपदों की लाभार्थी महिलाओं को प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभागीय कैलेंडर का भी विमोचन किया।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी योजना: सीएम धामी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता, सम्मान और सुरक्षा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाओं के संघर्ष, आत्मविश्वास और क्षमताओं को सरकार नई दिशा दे रही है। महिला सशक्तिकरण से न केवल परिवार बल्कि पूरा समाज सशक्त होता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि शेष सात जनपदों की 540 महिलाओं को भी लगभग 4 करोड़ रुपये की धनराशि माह के अंत तक डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी। इस योजना में विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा महिलाएं, एसिड अटैक व आपराधिक घटनाओं की पीड़िताएं तथा ट्रांसजेंडर को भी शामिल किया गया है।
महिला शक्ति निभाएगी नेतृत्वकारी भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के माध्यम से राज्य की नारी शक्ति अब नेतृत्वकारी भूमिका निभाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के कल्याण के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 33 प्रतिशत आरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी योजना और ट्रिपल तलाक की समाप्ति जैसे कदम महिलाओं के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता और रोजगार के क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ा रही है।
5 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना और मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के माध्यम से महिलाओं को नए अवसर दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत महिला समूहों के उत्पादों को ब्रांड के रूप में विकसित किया जा रहा है।
प्रदेश में लगभग 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कार्य कर रही हैं। इसके अलावा 7 हजार ग्राम्य संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठन महिलाओं के सामूहिक नेतृत्व का उदाहरण हैं। वहीं 1.68 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
योजना के तहत मिलेगी 1.50 लाख तक की सब्सिडी
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि यह योजना एकल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें रोजगार सृजन से भी जोड़ेगी। वहीं सचिव चंद्रेश यादव ने बताया कि योजना के तहत दो लाख रुपये तक की परियोजनाएं स्वीकृत की जा रही हैं, जिसमें 75 प्रतिशत या अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी, जबकि 25 प्रतिशत अंशदान लाभार्थी को स्वयं देना होगा।
इस अवसर पर निदेशक बीएल राणा, विक्रम, आरती, मोहित चौधरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।