देहरादून। उत्तराखंड में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कांग्रेस पर एसआईआर के मुद्दे को लेकर राजनीति करने और राष्ट्र विरोधी ताकतों के साथ खड़े होने का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस ने पलटवार करते हुए भाजपा पर समाज को बांटकर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया है।
नरेश बंसल ने कहा कि कांग्रेस का वर्तमान नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते-करते राष्ट्र विरोध की राजनीति तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि देश में माओवादी और नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है, लेकिन वैचारिक स्तर पर देश को कमजोर करने वाली ताकतों से भी मुकाबला जरूरी है।
एसआईआर को लेकर बंसल ने कहा कि यह प्रक्रिया किसी एक वर्ग या राजनीतिक दल के हित के लिए नहीं है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाना है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार का गठन मतदाताओं के माध्यम से होता है, इसलिए जरूरी है कि पात्र मतदाता का नाम सूची में रहे और अपात्र व्यक्ति का नाम हटाया जाए।
भाजपा सांसद ने कहा कि एसआईआर देश में पहली बार नहीं हो रहा है। इसका उद्देश्य विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार करना है, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत हो। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक और वर्ग विशेष के हितों के लिए एसआईआर का विरोध करने का आरोप लगाया।
वहीं कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने भाजपा के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी भी ऐसे व्यक्ति के साथ खड़ी नहीं है, जो देश या प्रदेश में अवैध रूप से रह रहा हो। कांग्रेस उन लोगों के साथ खड़ी है, जिनके मताधिकार को प्रभावित किया जा रहा है।
प्रतिमा सिंह ने भाजपा पर समाज को बांटकर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि यदि प्रदेश में घुसपैठियों की मौजूदगी है तो लंबे समय से सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा ने अब तक इस दिशा में क्या कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता, संविधान और लोकतंत्र के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी।
एसआईआर को लेकर दोनों दलों के बीच बढ़ती बयानबाजी से उत्तराखंड में यह मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है।