देहरादून। अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड में बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने विधानसभा चुनाव-2022 में चुनाव लड़ने वाले चार अभ्यर्थियों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 10ए के तहत तीन वर्ष की अवधि के लिए चुनाव लड़ने के लिए निरर्हित घोषित किया है।
आयोग के आदेश के अनुसार, निरर्हित किए गए ये चारों व्यक्ति अब संसद के किसी भी सदन या राज्य अथवा केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य के रूप में चुने जाने या बने रहने के लिए पात्र नहीं होंगे। यह निरर्हता आदेश की तारीख से तीन वर्ष तक प्रभावी रहेगी।
आयोग की ओर से जारी आदेश में 15-चकराता (अ.ज.जा.) विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले रामानन्द सिंह को तीन वर्ष के लिए निरर्हित किया गया है। इसी तरह 18-धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी बलबीर कुमार तलवार को भी तीन वर्ष के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया गया है।
20-राजपुर रोड (अ.जा.) विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले कमलेश माथुर और 24-ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी जगजीत सिंह को भी आयोग ने तीन वर्ष की अवधि के लिए निरर्हित किया है।
भारत निर्वाचन आयोग ने इन सभी मामलों में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 10ए के तहत कार्रवाई करते हुए आदेश जारी किया है। इसके साथ ही चारों की चुनाव लड़ने की पात्रता पर तीन वर्ष के लिए रोक लगा दी गई है।