उत्तराखंड में कोरोना ने दी दस्तक, 5 लोग हुए संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग हुआ सतर्क, पहले से ही बेड कर दिए गए हैं रिजर्व

उत्तराखंड:देश भर में कोरोना के केस बढ़ते ही जा रहे हैं, महाराष्ट्र और मुंबई के बाद उत्तराखंड में भी 5 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। इसमें एक नर्स भी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग ने भी उत्तराखंड में अलर्ट जारी कर दिया है।

 

दिल्ली और मुंबई के बाद उत्तराखंड में भी कोरोना वायरस ने दस्तक दे चुकी है,अब तक करीब 8 लोगों की संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी है जिसमें से 5 लोग बुधवार को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं।

पांचों मरीजों में से तीन मरीज उत्तराखंड के ही रहने वाले हैं और दो लोग ने हाल ही में बाहर से ट्रैवल कर के उत्तराखंड आए थे। दोनों ही लोगों ने अलग अलग जगह से करोना वायरस की जांच करवाई थी।

 

 

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार दोनों कोरोना पॉजिटिव मिले मरीज बाहर से आए हुए हैं। जिसमें एक युवती बेंगलुरु और युवक हैदराबाद से लौटा था। इसके अलावा महंत इंद्रेश हॉस्पिटल का एक मरीज भी कोरोना पॉजिटिव बताया गया है जो कि माजरा का रहना वाला है और एम्स ऋषिकेश से भी दो लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसमें से एक स्टाफ नर्स भी संक्रमित है,जो पहले किसी संक्रमित चिकित्सक के संपर्क में आई थी, एम्स में भर्ती एक मरीज भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है जो कि बिजनौर का रहने वाला है। हालांकि संक्रमित मरीजों की हालत अभी सामान्य है।

 

सचिव स्वास्थ्य डॉक्टर आर राजेश कुमार ने बताया कि संक्रमण को रोकने के लिए उपयुक्त प्रयास किए जा रहे हैं और अभी तक नए पांच मरीज मिलने की पुष्टि करी है।

 

 

स्वास्थ्य विभाग ने शुरू करी अस्पतालों में तैयारियां

 

उत्तराखंड में अलर्ट जारी होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों में कोरोना पॉजिटिव लोगों के लिए बेड्स को रिजर्व में रखा गया है।इसके साथ साथ अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाओं का स्टॉक और ऑक्सीजन प्लांट पर भी फॉक्स किया गया है।

 

 

कोरोना का नया वेरिएंट?

 

स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर आर राजेश कुमार ने बताया कि, कोरोना पॉजिटिव मरीजों की जीनोम सीक्वेंसिंग जांच कराई जाएगी, जिसके बाद रिपोर्ट के आधार पर पता चलेगा कि कोरोना का यह वेरिएंट कोई नया वेरिएंट है या पहले जैसा ही ओमिक्रान जैसा वेरिएंट है।

 

उत्तराखंड के 13 जिले के सीएमओ को आदेश दिए गए हैं कि कोरोना संक्रमित मरीज मिलने पर सूचित किया जाए।इसी के साथ अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाओं का स्टॉक रखने के भी सख्त आदेश दिए गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *