Uttarakhand: देहरादून जिला प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अवैध धार्मिक निर्माण को लेकर अपनी सख्ती बढ़ा दी है। डीएम सविन बंसल ने विभागीय अधिकारियों से जिले के अंदर अवैध धार्मिक निर्माण जगहों की तीन दिन के अंदर लिस्ट देने की घोषणा की है, लिस्ट न देने पर होगी कार्रवाई।
डीएम सविन बंसल ने बताया कि विभाग अधिकारियों की लापरवाही बर्दाश नहीं करी जाएगी। साथ ही बताया कि धार्मिक निर्माण चिह्नित करते हुए सारे विभाग, नगर निगम, नगर पालिका, एमडीडीए तहसील सभी अपनी संपत्तियों का सर्वेक्षण करे और तीन दिन के अंदर सर्वे रिपोर्ट जिला प्रशासन के पास दी जाए। यदि सर्वे के बाद विभाग की किसी भी संपत्ति पर अवैध धार्मिक निर्माण पाए गए तो विभागीय अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करी जाएगी।
वन विभाग में नहीं है एक भी अवैध धार्मिक निर्माण
वन विभाग की ओर से बताया गया कि वन विभाग क्षेत्र में तीन अवैध धार्मिक निर्माण थे जो कि अब हटाए जा चुके हैं और अब वहां कोई अवैध धार्मिक निर्माण नहीं है।सभी जानकारी देनी होगी लिखित में।
डीएम ने बताया कि विभाग की चिन्हित परिसंपत्तियों पर जो अवैध धार्मिक निर्माण पाए गए हैं उन्हें हटाने के लिए एक सीमा तय की गई है और अवैध निर्माण हटाने में कोई लापरवाही बर्दाश नहीं होगी। साथ ही कहा कि अवैध धार्मिक निर्माण क्षेत्रों के साथ साथ अगर कोई क्षेत्र में अवैध धार्मिक निर्माण नहीं है तो वह जानकारी भी अधिकारियों को लिखित में देनी होगी।