देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन का शंखनाद कर दिया है। देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कैंपेन कमेटी अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए।
अंकिता भंडारी केस में सरकार पर हमला
कुमारी शैलजा ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में परिवार द्वारा कथित VIP की भूमिका पर उठाए जा रहे सवालों का सरकार के पास कोई जवाब नहीं है। यह मामला सिर्फ एक बेटी को न्याय दिलाने का नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता और महिला सुरक्षा से जुड़ा है।
उन्होंने भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने को लेकर कहा कि इस फैसले से उत्तराखंड की जनता की भावनाएं आहत हुई हैं। यहां तक कि सिक्किम में भी इस नियुक्ति का विरोध हो रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने बताया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की है और राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। प्रदेश में गांधी प्रतिमा के सामने उपवास, कैंडल मार्च और बाइक रैली के जरिए लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
भ्रष्टाचार, भूमि सौदे और बेरोजगारी का मुद्दा
कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश में सड़क निर्माण, सरकारी ठेकों और भूमि सौदों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। खनन माफिया को संरक्षण दिया जा रहा है।
युवाओं का मुद्दा उठाते हुए शैलजा ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं से युवा परेशान हैं, जबकि पहाड़ों से पलायन लगातार बढ़ रहा है। सरकार के पास रोजगार और पलायन रोकने की कोई ठोस योजना नहीं है।
बद्रीनाथ चढ़ावा और विभागीय खर्चों पर सवाल
प्रेस वार्ता में बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित अनियमितता की निष्पक्ष जांच और हिसाब सार्वजनिक करने की मांग उठाई गई।
साथ ही कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के महिला एवं बाल विकास विभाग में राशन वितरण, पोषण आहार, मध्याह्न भोजन और राष्ट्रीय खेलों से जुड़े खर्चों में कथित गड़बड़ी को लेकर सवाल उठाए गए। कांग्रेस ने पूछा कि अगर शिकायतें पहले से थीं तो सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की?
आंदोलन का पूरा कैलेंडर जारी
कांग्रेस ने आने वाले दिनों के लिए चार बड़े कार्यक्रमों की घोषणा की है।
22 से 25 अक्टूबर तक प्रदेशभर में न्याय यात्रा निकाली जाएगी और विधानसभा क्षेत्रों में जनसंवाद होगा।
27 अक्टूबर को गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव किया जाएगा, जिसमें अंकिता प्रकरण, VIP की भूमिका, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और पलायन जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे।
1 नवंबर को दिल्ली में SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और वोटर अधिकारों को लेकर विशाल रैली में उत्तराखंड कांग्रेस भी शामिल होगी।
4 नवंबर को प्रदेश की जमीनों को औने-पौने दामों पर बेचे जाने के विरोध में जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
कुमारी शैलजा ने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने पर सभी भ्रष्टाचार मामलों की निष्पक्ष जांच, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और महिलाओं की सुरक्षा प्राथमिकता होगी। उन्होंने जनता से इस संघर्ष में साथ आने की अपील की।