देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े 210 करोड़ रुपये की कथित संपत्ति के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अब यह मामला सतर्कता अधिष्ठान उत्तराखंड तक पहुंच गया है।
अधिवक्ता और कानूनराज संस्था के संस्थापक पंकज सिंह क्षेत्री ने इस संबंध में सतर्कता में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की है।
पति के वीडियो के बाद शिकायत
शिकायत के मुताबिक, 16 अक्टूबर को रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा एक वीडियो जारी कर लगभग 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति होने का आरोप लगाया गया था। इस वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद मामले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी।
पंकज सिंह क्षेत्री ने कहा कि किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति पर इतनी बड़ी राशि का आरोप लगना गंभीर विषय है। ऐसे में जनता के बीच सच्चाई सामने आनी चाहिए। हालांकि सिर्फ आरोप से कुछ साबित नहीं होता, इसलिए दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर जांच जरूरी है।
क्या मांग की गई है शिकायत में?
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि संबंधित व्यक्तियों की चल-अचल संपत्ति, बैंक खाते, एफडी, शेयर, निवेश, कंपनियों में हिस्सेदारी और अन्य वित्तीय लेन-देन की गहनता से जांच की जाए। यह भी देखा जाए कि संपत्तियां वैध आय से अर्जित की गई हैं या नहीं और समय-समय पर संपत्ति से जुड़ी वैधानिक घोषणाएं की गई हैं या नहीं।
उन्होंने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)(b) और 13(2) का हवाला देते हुए कहा कि अगर जांच में पर्याप्त आधार मिलते हैं तो नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
पंकज क्षेत्री ने कहा, यह मामला किसी की छवि खराब करने का नहीं है, बल्कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और जवाबदेही का है। अगर आरोप गलत हैं तो जांच में स्पष्ट हो जाएगा और अगर सही हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। जांच ऐसे अधिकारी से कराई जाए जो बिना किसी दबाव के निष्पक्ष रूप से काम कर सके और सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का मौका मिले।
शिकायत दर्ज कराने के दौरान उनके साथ अधिवक्ता अल्का शर्मा और अजय धीमान भी मौजूद रहे।