गैंती-फावड़ा आंदोलन का असर: सकंड मोटर मार्ग के प्रथम चरण को 15.68 लाख की वित्तीय स्वीकृति

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चमोली: कर्णप्रयाग विकासखंड के सकंड गांव के ग्रामीणों की सड़क की मांग को लेकर चलाया गया गैंती-फावड़ा आंदोलन चर्चा में आने के बाद अब सिंद्रवाणी-सकंड मोटर मार्ग के प्रथम चरण के नव निर्माण को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। 9.50 किलोमीटर लंबे मोटर मार्ग के प्रथम चरण के लिए 15.68 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग, उत्तराखंड शासन की ओर से शासनादेश जारी किया गया है।

 

शासनादेश के अनुसार, सिंद्रवाणी-सकंड मोटर मार्ग की कुल लंबाई 9.500 किलोमीटर है। प्रथम चरण के लिए 15.68 लाख रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी गई है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में व्यय के लिए 10 हजार रुपये की धनराशि भी प्राविधानित की गई है। लोक निर्माण विभाग को आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर शासन को वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

निर्माण कार्य में शासन द्वारा निर्धारित दरों, विशिष्टियों और मानकों का पालन सुनिश्चित करने के साथ गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

 

ग्रामीणों ने खुद उठाए थे गैंती-फावड़े

 

सकंड गांव लंबे समय से सड़क सुविधा से जुड़ने का इंतजार कर रहा है। सड़क निर्माण शुरू नहीं होने पर ग्रामीणों ने सितंबर में खुद गैंती, फावड़ा, बेलचा और अन्य औजार उठाकर सड़क कटिंग का काम शुरू किया था। ग्रामीणों ने अपने संसाधनों और श्रमदान से सड़क निर्माण की पहल की थी। इस संबंध में स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों के आंदोलन और स्वयं सड़क निर्माण शुरू करने की रिपोर्ट भी सामने आई थी।

 

ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण को लेकर कई बार सर्वे किए गए, लेकिन तकनीकी और विभागीय अड़चनों के कारण काम आगे नहीं बढ़ सका। ग्रामीणों ने सड़क सुविधा नहीं मिलने पर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी भी दी थी। यह बात ग्रामीणों के दावे के रूप में सामने आई थी।

 

विधायक बोले- दोबारा सर्वे के बाद मिली स्वीकृति

 

कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल के अनुसार, कई बार सर्वे के बाद विभागीय और अन्य तकनीकी अड़चनों के कारण सड़क का काम शुरू नहीं हो पा रहा था। ग्रामीणों की आम सहमति से दोबारा सर्वे कराया गया, जिसके बाद मोटर मार्ग के प्रथम चरण के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

 

ग्रामीण बोले- धरातल पर काम शुरू होने का इंतजार

 

ग्राम प्रधान शिवानी चौधरी ने कहा कि इससे पहले भी सड़क को लेकर स्वीकृति की बात सामने आ चुकी है, लेकिन उस समय काम शुरू नहीं हो पाया था। उनका कहना है कि जब तक धरातल पर सड़क कटिंग का काम शुरू नहीं होता, तब तक ग्रामीण इस स्वीकृति को लेकर आश्वस्त नहीं हैं।

 

सकंड गांव के सामाजिक कार्यकर्ता वीरेंद्र बिष्ट ने बताया कि लोक निर्माण विभाग की ओर से सर्वे का कार्य शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि गैंती-फावड़ा आंदोलन के बाद प्रथम चरण की वित्तीय स्वीकृति मिली है, लेकिन ग्रामीण अब धरातल पर काम शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।

 

सिंद्रवाणी-सकंड मोटर मार्ग बनने से क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन, परिवहन और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच में सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अभी प्रथम चरण की स्वीकृति के बाद डीपीआर और अन्य निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी की जानी हैं।

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