नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी का मामला सामने आने के बाद अब हाईकोर्ट के एक अधिवक्ता को जान से मारने की धमकी भरा पत्र मिलने से हड़कंप मच गया है। दो चर्चित मामलों की पैरवी कर रहे अधिवक्ता नवनीश नेगी को डाक के माध्यम से धमकी भरा पत्र मिला है। पत्र में उर्दू, बंगाली और अरबी भाषाओं का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। अधिवक्ता ने मामले की शिकायत नैनीताल कोतवाली पुलिस से कर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, अधिवक्ता नवनीश नेगी अंकिता भंडारी हत्याकांड में पीड़ित पक्ष और कोटद्वार के मोहम्मद दीपक से जुड़े मामले की पैरवी कर रहे हैं। इसी दौरान उन्हें डाक के माध्यम से धमकी भरा पत्र प्राप्त हुआ। अधिवक्ता के मुताबिक, पत्र लिखने वाले ने खुद को ‘यमराज’ बताया है।
अधिवक्ता ने बताया कि पत्र में उन्हें पहले दुर्घटना और उसके बाद हमला किए जाने की धमकी दी गई है। पत्र में उनकी मौत की बात भी लिखे जाने का दावा किया गया है। पत्र में उर्दू, बंगाली और अरबी भाषाओं का इस्तेमाल किया गया है।
पत्र मिलने के बाद अधिवक्ता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी सूचना नैनीताल कोतवाली पुलिस को दी। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। धमकी भरे पत्र की जानकारी सामने आने के बाद हाईकोर्ट परिसर में भी इसको लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं और अधिवक्ताओं में चिंता देखी जा रही है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि न्यायपालिका से जुड़े लोगों को लगातार धमकियां मिलना सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता का विषय है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड में अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू करने की मांग उठाई है।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एमसी पंत ने कहा कि अधिवक्ताओं को स्वतंत्र और सुरक्षित माहौल मिलना जरूरी है, ताकि वे बिना किसी दबाव के अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन कर सकें। उन्होंने अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।