देहरादून। विदेश में पढ़ाई और नौकरी दिलाने के नाम पर धर्मपुर निवासी युवक से 75 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि चार लोगों ने युवक के परिवार को विदेश भेजने और नौकरी लगवाने का भरोसा देकर अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच 75 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद न तो युवक को विदेश भेजा गया और न ही रकम वापस की गई। इतना ही नहीं, आरोपियों ने पीड़ित को राजपुर रोड पर कार से उतारकर उसकी कार लेकर फरार होने का भी आरोप है।
पीड़ित अरविंद कुमार निवासी धर्मपुर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पड़ोस में किराये पर रहने वाले प्रदीप शर्मा ने जनवरी 2025 में खुद को यूपी पुलिस में बताया था। पड़ोसी होने के कारण दोनों के बीच बातचीत होने लगी। इसी दौरान अरविंद ने बताया कि उनका बेटा अमन पाल आईलेट्स कर रहा है और विदेश में पढ़ाई व नौकरी करना चाहता है।
आरोप है कि प्रदीप शर्मा ने अरविंद की मुलाकात अनिल भारद्वाज से कराई। अनिल ने खुद को सीबीआई कोर्ट में पेशकार बताया। इसके बाद प्रदीप और अनिल ने अरविंद की मुलाकात रवि कुमार और अनिल की पत्नी सुजाता से कराई। सुजाता ने भरोसा दिलाया कि वह अमन को विदेश में पढ़ाई और नौकरी के लिए भेजवा सकती है। इसके लिए पढ़ाई, नौकरी और दस्तावेज समेत अन्य खर्चों के नाम पर करीब 75 लाख रुपये की रकम बताई गई।
पीड़ित के अनुसार, आरोपियों पर भरोसा करते हुए उन्होंने कुछ चेक दिए और अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच आरोपियों को कुल 75 लाख रुपये दे दिए। आरोपियों ने जनवरी 2026 में अमन को विदेश भेजने को लेकर बातचीत के लिए पीड़ित और उसके बेटे को बुलाया।
अरविंद के मुताबिक, वह अपने दोस्त संजय के साथ अपनी कार से प्रदीप शर्मा के घर पहुंचे। इसके बाद आरोपी उन्हें लेकर राजपुर रोड की तरफ गए। आरोप है कि वहां आरोपियों ने उन्हें कार से नीचे उतार दिया और उनकी कार लेकर फरार हो गए। इसके बाद आरोपियों ने न तो अमन को विदेश भेजा और न ही 75 लाख रुपये वापस किए।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने शुरुआत से ही उसे विश्वास में लेकर पूरी योजना के तहत रकम हासिल की। प्रदीप ने पहले अपनी पहचान और संबंधों के जरिए भरोसा बनाया, जबकि बाद में अनिल भारद्वाज को विदेश भेजने की पूरी प्रक्रिया का प्रमुख व्यक्ति बताया गया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने महिला समेत चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों से जुड़े दस्तावेजों, रकम के लेनदेन तथा विदेश भेजने के नाम पर किए गए दावों की भी पड़ताल की जा रही है।