हरिद्वार: कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है और हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्त अपनी अनोखी कांवड़ों के जरिए आस्था के साथ सामाजिक और राष्ट्रभक्ति का संदेश भी दे रहे हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के बागपत से आए 26 कांवड़ियों का दल अपनी 221 फीट लंबी और करीब 11 फीट ऊंची तिरंगा कांवड़ के कारण श्रद्धालुओं और राहगीरों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
221 फीट तिरंगे के साथ पैदल यात्रा
कांवड़ियों का दल हरिद्वार से गंगाजल भरकर बागपत के लिए पैदल रवाना हो चुका है। श्रद्धालुओं का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल भगवान शिव का जलाभिषेक करना नहीं, बल्कि शहीदों के सम्मान और राष्ट्रभक्ति का संदेश भी लोगों तक पहुंचाना है। यह दल 11 अगस्त को बागपत पहुंचकर स्थानीय शिवालय में गंगाजल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेगा।
शहीदों को समर्पित है तिरंगा कांवड़
दल के सदस्य हरेंद्र कुमार ने बताया कि 221 फीट लंबा तिरंगा भारत की आन, बान और शान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि देने और युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करने के उद्देश्य से इस विशेष तिरंगा कांवड़ का निर्माण किया गया है।
राष्ट्रप्रेम का संदेश लेकर लौट रहे शिवभक्त
कांवड़िए ईश्वर तोमर ने कहा कि तिरंगा देश की एकता, सम्मान और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वे गंगाजल के साथ-साथ राष्ट्रप्रेम का संदेश भी अपने गांव तक लेकर जा रहे हैं। भगवान शिव से देश की खुशहाली, शांति और सभी नागरिकों के मंगल की कामना की जाएगी।
उन्होंने बताया कि यह उनकी पहली तिरंगा कांवड़ यात्रा है। इससे पहले वे सामान्य कांवड़ के साथ जलाभिषेक कर चुके हैं, लेकिन इस बार राष्ट्रभक्ति को समर्पित विशेष तिरंगा कांवड़ तैयार की गई है।
भजन-कीर्तन के साथ आगे बढ़ रही यात्रा
26 श्रद्धालुओं की पूरी टीम भजन-कीर्तन, नृत्य और जयकारों के साथ पैदल यात्रा कर रही है। हरिद्वार में उनकी यह अनूठी पहल श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।