केदारनाथ : उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा को एक माह पूरा हो गया है। इस दौरान बाबा केदार के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा है। अब तक 8 लाख से अधिक तीर्थयात्री धाम पहुंच चुके हैं, जबकि एक लाख से ज्यादा वाहन केदारघाटी पहुंचे हैं।
22 अप्रैल को भगवान केदारनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। पहले ही दिन करीब 38 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इसके बाद से लगातार यात्रियों की संख्या बढ़ती रही और अप्रैल से मई तक धाम में भारी भीड़ देखने को मिली।
चारधाम यात्रा में इस बार सबसे अधिक श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचे हैं। 23 मई तक यहां कुल 8,11,923 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। प्रशासन का मानना है कि जून में स्कूलों की छुट्टियां शुरू होते ही यात्रियों की संख्या में और अधिक बढ़ोतरी होगी।
यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन, पुलिस और बदरी-केदार मंदिर समिति विशेष तैयारियों में जुटी हुई है। भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने के लिए लगातार बैठकें की जा रही हैं। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि रिकॉर्ड संख्या में यात्री धाम पहुंच रहे हैं और आने वाले दिनों में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं।
हालांकि यात्रा के दौरान कई श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ रहा है। ऊंचाई वाले क्षेत्र में ऑक्सीजन की कमी और ठंड के कारण यात्रियों की तबीयत बिगड़ रही है। अब तक विभिन्न कारणों से 39 यात्रियों की मौत हो चुकी है।
यात्रा से बदरी-केदार मंदिर समिति को भी बड़ी आय हुई है। एक महीने में समिति को लगभग 14.50 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर को दिनभर में केवल 3 से 4 घंटे के लिए बंद किया जा रहा है, बाकी समय दर्शन जारी हैं।
हेलीकॉप्टर सेवा का भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपयोग कर रहे हैं। अब तक 8 हेलीकॉप्टर कंपनियों के जरिए 30 हजार से अधिक यात्री यात्रा कर चुके हैं। एक महीने में कुल 5362 उड़ानें संचालित की गईं, जिनसे 30,925 यात्री केदारनाथ पहुंचे और 30,822 यात्री वापस लौटे।
वहीं घोड़े-खच्चरों के संचालन से भी अच्छी आय हुई है। मुख्य विकास अधिकारी आरएस रावत के अनुसार इस वर्ष यात्रा में 7744 घोड़े-खच्चर पंजीकृत किए गए हैं और अब तक इनके जरिए 2 करोड़ 44 लाख 91 हजार रुपये की आय प्राप्त हो चुकी है। प्रशासन का मानना है कि यात्रा अभी लंबी चलनी है, जिससे यह आंकड़ा और बढ़ेगा।