टिहरी गढ़वाल। आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से National Disaster Management Authority (एनडीएमए) और Uttarakhand State Disaster Management Authority (यूएसडीएमए) के निर्देश पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। व्यवस्थाओं को परखने के लिए शुक्रवार को मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।
नौ जोन और 23 सेक्टरों में बंटा जिला
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि मॉक ड्रिल के लिए जिले को 9 जोन और 23 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। जीआईएस मैपिंग के माध्यम से संसाधनों का सटीक आकलन किया गया है, जिससे आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) के तहत सेक्टर स्तर तक अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं।
प्रशासन ने “जीरो लॉस ऑफ लाइफ” का लक्ष्य निर्धारित करते हुए सभी विभागों को सतर्क रहने और आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
कीर्तिनगर में समीक्षा बैठक
कीर्तिनगर में उप जिलाधिकारी मंजू राजपूत ने विकासखंड के सभी विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यात्रा शुरू होने में अब कम समय शेष है, ऐसे में सभी विभाग आपसी तालमेल से कार्य करें, ताकि Badrinath Temple और Kedarnath Temple जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि टिहरी गढ़वाल जनपद चारधाम यात्रा का प्रमुख प्रवेश द्वार है, इसलिए यहां की व्यवस्थाओं का दुरुस्त रहना बेहद आवश्यक है।
विभागों को दिए गए निर्देश
राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों को सड़कों के गड्ढे शीघ्र भरने के निर्देश
जल संस्थान और पेयजल निगम को यात्रा मार्ग पर निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश
स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा सेवाएं सुदृढ़ रखने और आपात स्थितियों के लिए तैयार रहने के निर्देश
आज होगी मॉक ड्रिल
प्रशासनिक तैयारियों की वास्तविक स्थिति जांचने के लिए मलेथा मुख्य चौराहे से नया पुल होते हुए कीर्तिनगर तक मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस अभ्यास में सभी विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
प्रशासन का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी व्यवस्थाएं समय से पहले दुरुस्त कर ली जाएंगी।