देहरादून: मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को देहरादून में पहली कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कुल 16 महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिनमें पूर्व सैनिकों, न्यायिक अधिकारियों, शिक्षकों और किसानों के लिए अहम फैसले शामिल हैं।
पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए ‘वीर उद्यमी योजना’
कैबिनेट ने पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए ‘वीर उद्यमी योजना’ को मंजूरी दी। इसके तहत उद्योग स्थापित करने पर उन्हें 5 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी, जिससे स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वहीं, पीएम सूर्या घर योजना के तहत सब्सिडी को लेकर चल रहे विवाद को खत्म कर दिया गया है। अब 31 मार्च 2025 तक लगाए गए सभी प्लांट्स को सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
न्यायिक अधिकारियों के लिए सस्ता लोन
राज्य सरकार ने न्यायिक अधिकारियों को वाहन खरीदने के लिए 4% ब्याज दर पर 10 लाख रुपये तक का लोन देने का निर्णय लिया। इसके साथ ही निजी संपत्ति वसूली अधिनियम की नियमावली को मंजूरी दी गई, जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से सख्ती से वसूली की जा सकेगी।
भर्ती नियमों में बदलाव
पुलिस, वन और आबकारी विभागों में भर्ती पुरानी नियमावली के अनुसार ही की जाएगी। सिपाही और दरोगा भर्ती में उम्र और हाइट के पुराने नियम लागू रहेंगे। नए नियम 2029 से लागू होंगे। इसके अलावा, अशासकीय स्कूलों के शिक्षकों को उनकी पुरानी सेवा का लाभ देने के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन किया गया।
किसानों और वन विभाग कर्मियों के लिए राहत
राज्य सरकार ने गेहूं खरीद के लिए 2558 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय की है और मंडियों को निर्देश दिया कि वे 2% से अधिक शुल्क वसूल न करें। वन विभाग के कर्मचारियों के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया है, जिसके अनुसार अब 22 साल की सेवा पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी बनाया जाएगा, जबकि पहले इसके लिए 25 साल की सेवा अनिवार्य थी।
मुख्यमंत्री का संदेश
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बैठक के दौरान कहा कि राज्य सरकार वैश्विक परिस्थितियों और चुनौतियों के बावजूद प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए सभी संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर रही है। उन्होंने मंत्रियों से सक्रिय योगदान देने और योजना लाभार्थियों तक सुविधा पहुंचाने का आह्वान किया।