देहरादून: उत्तराखंड के विभिन्न भीड़भाड़ वाले 11 स्थानों पर जल्द ही आधुनिक पार्किंग सुविधाएं शुरू होने जा रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल के माध्यम से इसकी जानकारी दी।
पोस्ट के अनुसार, इन पार्किंग स्थलों का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इन 11 स्थानों पर कुल 1082 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि चालू वित्तीय वर्ष के भीतर इन पार्किंग सुविधाओं को आम जनता और पर्यटकों के लिए उपलब्ध करा दिया जाए।
पहले चरण में 54 स्थानों पर शुरू हो चुकी सुविधा
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, राज्य में अब तक 54 स्थानों पर पार्किंग सुविधा शुरू की जा चुकी है, जहां 3244 वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था है।
राज्य सरकार ने विकास प्राधिकरणों के माध्यम से प्रमुख शहरों, तीर्थ स्थलों और पर्यटन केंद्रों में पार्किंग निर्माण के लिए 195 प्रस्ताव प्राप्त किए थे। इनमें सरफेस पार्किंग, मल्टी-लेवल पार्किंग और टनल पार्किंग जैसे विकल्प शामिल हैं।
इनमें से 114 स्थानों पर डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) को मंजूरी दी जा चुकी है और बजट भी जारी किया जा चुका है। दूसरे चरण में अब 11 नए स्थानों पर पार्किंग सुविधा विकसित की जा रही है।
पर्यटन सीजन में बढ़ती है समस्या
मुख्यमंत्री ने पूर्व में कहा था कि बेहतर सड़क नेटवर्क के चलते पर्यटक निजी वाहनों से राज्य आना पसंद करते हैं, जिससे ट्रैफिक का दबाव बढ़ना स्वाभाविक है। खासकर नैनीताल और मसूरी जैसे पर्यटन स्थलों पर गर्मियों के सीजन में जाम की समस्या चरम पर पहुंच जाती है।
कई किलोमीटर लंबा जाम लगने से आम लोगों के साथ-साथ एंबुलेंस और स्कूल बसें भी प्रभावित होती हैं। सरकार का दावा है कि नई पार्किंग परियोजनाओं से ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार होगा और पर्यटन स्थलों पर अव्यवस्थित पार्किंग की समस्या कम होगी।
बुनियादी सुविधाओं पर भी जोर
प्रशासन ने निर्माण एजेंसियों को युद्ध स्तर पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पार्किंग स्थलों पर शौचालय, लाइटिंग और स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।