उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड समाप्त, जुलाई से बनेगा नया अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। आगामी एक जुलाई से मदरसा बोर्ड पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी के बाद सरकार ने उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन कर दिया है।

शासन की ओर से मंगलवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, प्राधिकरण में अध्यक्ष समेत कुल 11 सदस्यों की नियुक्ति की गई है। वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. सुरजीत सिंह गांधी को प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया है।

 विधानसभा से पास हुआ था विधेयक

विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि पिछले विधानसभा सत्र में मदरसा बोर्ड को खत्म करने से संबंधित विधेयक पारित किया गया था। इसके तहत एक जुलाई 2026 से सभी अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अधीन होंगे।
अब इन संस्थाओं की मान्यता प्रक्रिया उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड के माध्यम से पूरी की जाएगी।

 प्राधिकरण के सदस्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार गठित प्राधिकरण में

  • डॉ. सुरजीत सिंह गांधी (अध्यक्ष)
  • प्रो. राकेश जैन
  • डॉ. सैयद अली
  • प्रो. पेमा तेनजिन
  • डॉ. एल्बा मेड्रिले
  • प्रो. रोबिना अमन
  • प्रो. गुरमीत सिंह
  • राजेंद्र बिष्ट
  • सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी चंद्रशेखर भट्ट को सदस्य बनाया गया है।

इसके अतिरिक्त महानिदेशक (विद्यालयी शिक्षा), निदेशक (राज्य शैक्षिक अनुसंधान) और निदेशक (अल्पसंख्यक कल्याण) भी प्राधिकरण के पदेन सदस्य होंगे।

 अब प्राधिकरण तय करेगा सिलेबस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि अब राज्य में अल्पसंख्यक बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा का स्वरूप उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण तय करेगा।
उन्होंने कहा कि सिलेबस निर्धारण की जिम्मेदारी भी इसी प्राधिकरण की होगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

 

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