देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नवनियुक्त उप निरीक्षकों के लिए अब तक की परीक्षा केवल एक शुरुआत थी, असली परीक्षा अब शुरू हो रही है। उन्होंने कहा कि अब इन अधिकारियों के कंधों पर प्रदेश की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और अग्निशमन जैसे महत्वपूर्ण दायित्व होंगे, जिनका निर्वहन उन्हें पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ करना होगा।

बुधवार को मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुल 215 नवनियुक्त अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें 104 उप-निरीक्षक, 88 गुल्मनायक (पीएसी) और 23 अग्निशमन द्वितीय अधिकारी शामिल हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था, जनसुरक्षा और आपदा प्रबंधन प्रणाली को सशक्त बनाने में पुलिस बल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड दो अंतरराष्ट्रीय और दो आंतरिक सीमाओं से जुड़ा राज्य है। ऐसे में शांति एवं सुव्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नशा, साइबर अपराध, महिला अपराध, यातायात व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा जैसे कई मोर्चों पर पुलिस को प्रभावी भूमिका निभानी होती है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और बीते चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य की सभी परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जा रही हैं।
सीएम धामी ने विश्वास जताया कि नवनियुक्त अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे और राज्य की शांति, सुरक्षा तथा जनता के विश्वास को और अधिक मजबूत