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ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में छूटी पट्टी, मौत के बाद हंगामा,अस्पताल का लाइसेंस निलंबित

देहरादून: राजधानी देहरादून में एक निजी अस्पताल की लापरवाही ने 26 वर्षीय महिला की जान ले ली। डालनवाला क्षेत्र के आराघर स्थित मदर केयर सेंटर (सिंह आई हॉस्पिटल) पर ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में पट्टी छोड़ देने का गंभीर आरोप लगा है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में शव रखकर जमकर हंगामा किया और प्रशासन से न्याय की मांग की।

 

जानकारी के अनुसार, लखीबाग निवासी ज्योति प्रज्वल (26) ने 29 जनवरी को मदर केयर अस्पताल में ऑपरेशन के ज़रिए बेटे को जन्म दिया था। चार दिन बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया, लेकिन कुछ दिनों बाद ज्योति के पेट में तेज दर्द शुरू हो गया। डॉक्टरों ने कई जांचें कीं, मगर दर्द का कारण स्पष्ट नहीं कर पाए। तबीयत बिगड़ने पर ज्योति को दोबारा उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे ग्राफिक एरा अस्पताल रेफर कर दिया गया।

 

वहीं, जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि ऑपरेशन के समय डॉक्टरों ने ज्योति के पेट में पट्टी छोड़ दी थी, जिससे संक्रमण फैल गया और अंततः उसकी मृत्यु हो गई।

 

मामले की जानकारी सामने आने के बाद उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्वतः संज्ञान लिया और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) देहरादून डॉ. मनोज शर्मा से तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

 

सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि, “मदर केयर सेंटर और सिंह आई हॉस्पिटल का लाइसेंस जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।”

 

वहीं, महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने इस घटना को “अत्यंत गंभीर और निंदनीय” बताया। उन्होंने कहा “यदि यह साबित होता है कि महिला की मौत अस्पताल की लापरवाही से हुई है, तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आयोग द्वारा एक विशेष जांच टीम गठित की जाएगी जो पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करेगी।”

 

महिला आयोग ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने भी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और चिकित्सा लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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