देहरादून। उत्तरकाशी के केदारताल ट्रेक पर लापता ट्रेकर्स की तलाश में चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान के दौरान अब तक चार शव मिल चुके हैं। इनमें से तीन शव हेलीकॉप्टर के माध्यम से मातली हेलीपैड पहुंचाए गए हैं। इन तीन में से दो शवों की पहचान हो गई है। मृतकों की पहचान वर्तिका वर्मा (28) और दीपिका (29) के रूप में हुई है। दोनों लखनऊ के विकासनगर स्थित गायत्री पुरम की रहने वाली बहनें थीं। तीसरे शव की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है।
तहसीलदार भटवाड़ी ने बताया कि मातली लाए गए तीन शवों में से दो की पहचान कर ली गई है। वहीं, चौथे शव को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। शेष लापता ट्रेकर्स और सपोर्टिंग स्टाफ की तलाश भी जारी है।
आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, केदारताल ट्रेक से लापता ट्रेकर्स और सपोर्टिंग स्टाफ की तलाश में एसडीआरएफ उत्तराखंड पुलिस लगातार अभियान चला रही है। सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी के निर्देशन में टीमें अन्य रेस्क्यू एजेंसियों के साथ मिलकर दुर्गम क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन संचालित कर रही हैं।
27 अक्टूबर को 13 सदस्यीय दल हुआ था रवाना
जानकारी के अनुसार, 27 अक्टूबर को सात ट्रेकर्स और छह सपोर्टिंग स्टाफ सहित कुल 13 सदस्यीय दल गंगोत्री से केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुआ था। खराब मौसम, भारी बर्फबारी और ग्लेशियर के कारण रास्ता अवरुद्ध होने से दल निर्धारित समय पर वापस नहीं लौट सका। इसकी सूचना मिलने के बाद प्रशासन के समन्वय से एसडीआरएफ, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम), वन विभाग और ट्रेकिंग एजेंसी की टीमें तलाश एवं बचाव अभियान में जुट गईं।
दुर्गम परिस्थितियों में जारी है सर्च ऑपरेशन
रेस्क्यू अभियान के दौरान मिले तीन शवों (दो पुरुष और एक महिला) को हेलीकॉप्टर से मातली हेलीपैड पहुंचाया गया। तीनों शवों को जिला अस्पताल में रखा गया है। वहीं, एक अन्य शव को निकालने की कार्रवाई की जा रही है।
केदारताल क्षेत्र में शेष लापता लोगों की तलाश के लिए एसडीआरएफ, एनआईएम, वन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं। प्रतिकूल मौसम, भारी बर्फबारी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीमें समन्वय के साथ लगातार तलाश में जुटी हुई हैं।