गैरसैंण। उत्तराखंड की राजनीति में बुधवार को उस समय नई चर्चा शुरू हो गई, जब खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान लिए गए इस फैसले के बाद उमेश कुमार ने अपनी राजनीतिक रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा कि वह न तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होंगे और न ही कांग्रेस का दामन थामेंगे। उन्होंने ऐलान किया कि आगामी विधानसभा चुनाव जन निर्माण पार्टी के चुनाव चिह्न पर लड़ेंगे।
उमेश कुमार ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से अपनी मुलाकातों को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि इन मुलाकातों को कांग्रेस में शामिल होने की तैयारी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, नेताओं से मिलना सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसका मतलब किसी दूसरी पार्टी में शामिल होना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपनी अलग राजनीतिक पहचान के साथ जनता के बीच जाएंगे।
हरीश रावत से पुरानी राजनीतिक अदावत का किया जिक्र
उमेश कुमार ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत के साथ वर्ष 2016 से चली आ रही राजनीतिक तल्खी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय से चली आ रही टीस आज तक खत्म नहीं हुई है। उमेश कुमार के मुताबिक, जिन लोगों पर उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और जिनकी सरकार को संकट में डालने का काम किया, उनके समर्थन में नारे लगाना उनके लिए संभव नहीं है।
उनके इस बयान को कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों को खारिज करने और अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। लोकसभा चुनाव के दौरान अपने बेटे को मैदान में उतारने के बाद अब उमेश कुमार ने खुद आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी की बात कही है।
विपक्ष पर साथ नहीं देने का लगाया आरोप
उमेश कुमार ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के पीछे सदन में पिछले साढ़े चार साल के अनुभव और विपक्ष के रवैये को भी अहम वजह बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी उन्होंने जनता से जुड़े मुद्दे उठाए, उन्हें विपक्ष का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला।
उनके अनुसार, किसानों की समस्याओं, आपदा प्रभावित लोगों की परेशानियों और बिजली-पानी जैसे बुनियादी मुद्दों पर आवाज उठाने के बावजूद उन्हें अकेले ही संघर्ष करना पड़ा। हालांकि, इस्तीफे के बाद आगे की कानूनी और प्रक्रियागत कार्रवाई विधानसभा सचिवालय के स्तर पर की जाएगी।
विधानसभा अध्यक्ष ने की इस्तीफे की पुष्टि
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने उमेश कुमार के इस्तीफे को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उन्हें विधायक की ओर से एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें इस्तीफे की बात कही गई है। अध्यक्ष के मुताबिक, पत्र को आगे की प्रक्रिया के लिए विधानसभा सचिवालय भेज दिया गया है। सचिवालय स्तर पर इस्तीफे से जुड़े नियमों और कानूनी प्रावधानों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रणव सिंह चैंपियन ने इस्तीफे को बताया ‘ड्रामा’
खानपुर के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने उमेश कुमार के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘ड्रामा’ बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विधानसभा कार्यकाल के केवल दो महीने शेष रह गए हैं, तो अब इस्तीफा देने का क्या औचित्य है?
चैंपियन ने कहा कि आज का दौर जेनरेशन जेड यानी युवा पीढ़ी का है। युवाओं को राजनीतिक दिखावे और बयानबाजी के बजाय विकास, रोजगार और बेहतर भविष्य की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रतिमाओं की स्थापना, मंदिरों और शादी समारोहों जैसे आयोजनों पर ध्यान देने के बजाय युवाओं के भविष्य और रोजगार जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उमेश कुमार के इस्तीफे और जन निर्माण पार्टी के टिकट पर अगला विधानसभा चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद खानपुर की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस्तीफे पर अंतिम निर्णय विधानसभा सचिवालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।