वक्फ संशोधन बिल बुधवार को पास हो गया है। बिल को पास करने के लिए करीबन 12 घंटे तक सांसद में बहस हुई जिसके बाद वोट्स में बिल के हित में 128 वोट पड़े और उसके खिलाफ 95 वोट पड़े। परिणाम स्वरूप वक्फ संशोधन बिल लोक सभा में पास हो गया। बहस के दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी लोक सभा में उपस्थित नहीं थे।
वक्फ संशोधन विधेयक अगस्त 2024 में लोक सभा में पेश किया था।इस अमेंडमेंट बिल के अंदर सरकार ने 40 से अधिक संशोधन पेश करे थे,जिसमें से कमिटी ने फरवरी 2025 में 14 संशोधन को मंजूरी प्रदान करी थी।जिसके बाद वक्फ अमेंडमेंट बिल लोक सभा में भेज दिया गया। जिसके बाद बुधवार को ये बिल लोक सभा में पास हो गया।
वक्फ बोर्ड है क्या?
वक्फ इस शब्द का मतलब है खुदा के लिए, ये बोर्ड खुदा के नाम पर जमीन,पैसे इकठ्ठा करते हैं और ये सारी धनराशि और जमीन मजीद,कब्रिस्तान, मदरसे और कोम्ब के लिए इस्तेमाल करी जाती है।कोई भी व्यक्ति अपनी जमीन और पैसे वक्फ बोर्ड को दे सकता है (मुस्लिम, गैरमुस्लिम)।
आपको बता दें भारत के तीसरे नंबर पर सबसे अधिक सर्वाधिक जमीन वक्फ बोर्ड के पास है (एक लाख करोड़ से भी अधिक संपति है वक्फ बोर्ड के पास))।पहले पर डिफेंस और दूसरे पर रेलवे विभाग के पास सबसे ज्यादा जमीन है।
आखिर संशोधन क्यों आया?
संशोधन आने का सबसे बड़ा कारण वक्फ बोर्ड को मन जा रहा है क्योंकि वक्फ बोर्ड के पास ऐसे दो एहम अधिकार है जिस कारण संशोधन पेश करवाया गया।
वक्फ बोर्ड का मानना था कि जो डिसीजन बोर्ड ने दे दिया किसी जमीन या पैसों को लेकर वो आखिरी फैसला होगा इसके खिलाफ कोई भी व्यक्ति कही भी कोर्ट अपील नहीं कर सकता है और दूसरा ये की वक्फ बोर्ड अपने धर्म की किसी भी जमीन या संपति को वक्फ बोर्ड की जमीन या संपत्ति घोषित कर सकता है।
क्या क्या बदलाव बिल में लाए गए?
• पहले वक्फ वो संपत्ति या जमीन ले लेता था जिस व्यक्ति के घर में कोई पुरुष उत्तराधिकारी नहीं होता था लेकिन बदलाव के बाद इस संशोधन में बोला गया है कि अगर व्यक्ति की कोई बेटी है तो बेटी को उसके अधिकार से वंचित नहीं रखा जाएगा वो जमीन और संपत्ति बेटी को दे दी जाएगी।सीधा वक्फ को ये जमीन नहीं दी जाएगी
• दूसरा बदलाव ये है कि कोई भी सरकारी संपत्ति वक्फ बोर्ड के पास नहीं जाएगी और अगर किसी को मन गया है तो उसको वापस किया जाए
• तीसरा बदलाव किसी भी संपत्ति पर किसका स्वामित्व है वो जिला कलेक्टर (DM)फैसला लेगा ना कि वक्फ बोर्ड
• एक वक्फ परिसद बनाई जाएगी जिसमें महिला और गैर मुसलमान का होना भी अनिवार्य रहेगा क्योंकि हिन्दुओं को जब दान करने का हक है वक्फ में तो उन्हें भी परिसद में शामिल किया जाएगा।
• आखिरी और सबसे एहम बदलाव ये रहा कि अगर आप वक्फ या कलेक्टर के फैसले पर सहमत नहीं है तो आप कोर्ट में अपील कर सकते हैं 90 दिन के अंदर