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तिब्बती मार्केट हत्याकांड का खुलासा: मां समेत पांच गिरफ्तार, सुपारी देकर कराई गई बेटे की हत्या

देहरादून। तिब्बती मार्केट के बाहर हुए चर्चित कारोबारी अर्जुन शर्मा हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक अर्जुन की हत्या किसी बाहरी दुश्मनी नहीं, बल्कि पारिवारिक और संपत्ति विवाद का नतीजा थी। मामले में मां बीना शर्मा, उनके सहयोगी विनोद उनियाल, डॉ. अजय खन्ना समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

वहीं, हत्यारोपी राजीव और उसके साथी पंकज को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। दोनों के पास से देसी तमंचे बरामद हुए हैं।

15 साल पुराना था विवाद, गैस एजेंसी और प्रॉपर्टी बना कारण

पुलिस जांच में सामने आया है कि मां-बेटे के रिश्तों में दरार करीब 15 वर्ष पहले शुरू हुई थी, जब अर्जुन ने पारिवारिक व्यवसाय संभाला और पैसों के लेनदेन पर आपत्ति जताई।

अर्जुन के पिता कर्नल रमेश चंद शर्मा करीब 38 वर्ष पूर्व शहीद हो गए थे। बलिदानी कोटे से परिवार को गैस एजेंसी मिली थी। इसी संपत्ति पर बैंक ऑफ बड़ौदा से करीब 8 करोड़ रुपये का लोन लिया गया था, जिसको लेकर भी विवाद था।

करीब आठ माह पहले बीना शर्मा ने जीएमएस रोड स्थित पैतृक संपत्ति का 14 करोड़ रुपये में सौदा डॉ. अजय खन्ना से किया। चार करोड़ से बैंक लोन चुकाया गया, जबकि आठ करोड़ रुपये बीना के खाते में आए। आरोप है कि ये रकम अगले ही दिन विनोद उनियाल को ट्रांसफर कर दी गई, जिससे अर्जुन नाराज था।

कोर्ट से स्टे लेने के बाद रची गई साजिश

अर्जुन पैतृक संपत्ति में अपना आधा हिस्सा चाहता था। उसने कोर्ट से स्टे ले लिया, जिससे प्रॉपर्टी का सौदा रुक गया। पुलिस के अनुसार डॉ. खन्ना द्वारा रकम वापसी का दबाव बनाया जा रहा था। इसी के बाद बीना, विनोद और खन्ना ने मिलकर अर्जुन को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

अर्जुन की पत्नी अभिलाषा ने तहरीर में 20-25 करोड़ रुपये के लेनदेन का आरोप लगाया था। जांच में करोड़ों के ट्रांजैक्शन के साक्ष्य मिले हैं।

मां के नाम पर थी कार, 786 नंबर चर्चा में

हत्या स्थल के पास अर्जुन की लाल रंग की कार खड़ी थी, जिसके नंबर में 786 अंक होने से चर्चा का विषय बन गया। बताया जा रहा है कि कार मां बीना शर्मा के नाम पर पंजीकृत है।

मेरठ से लाए गए हथियार

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि शूटर राजीव और पंकज पूर्व में मेरठ में रह चुके हैं और वहीं से अवैध हथियार लेकर आए थे। मुठभेड़ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और आर्थिक लेनदेन, कॉल डिटेल्स और अन्य साक्ष्यों की गहन पड़ताल की जा रही है। यह हत्याकांड पारिवारिक विवाद की आड़ में रची गई सुनियोजित साजिश साबित हुआ है।

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