रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के प्रसिद्ध पंचकेदारों में से एक मदमहेश्वर मंदिर में इस वर्ष तीर्थयात्रियों की ऐतिहासिक भीड़ उमड़ रही है। बीते 44 दिनों में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन करने पहुंचे हैं, जिससे पर्यटन और आस्था दोनों का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
मंदिर समिति और प्रशासन के अनुसार, केवल 44 दिनों में करीब 60 हजार से अधिक श्रद्धालु मदमहेश्वर पहुंचे हैं। यह संख्या पिछले वर्षों के मुकाबले कई अधिक है और रिकॉर्ड तोड़ मानी जा रही है। श्रद्धालुओं में उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और विदेशों से भी तीर्थयात्री शामिल हैं।

व्यवस्थाओं से संतुष्ट दिखे यात्री
बता दें कि इस पवित्र मंदिर तक पहुंचने के लिए यात्रियों को रांसी से 16 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई तय करनी होती है। बावजूद इसके, श्रद्धालु भारी उत्साह और भक्ति के साथ इस कठिन यात्रा को पूरा कर रहे हैं।
यात्रियों ने बताया कि मार्ग में स्वच्छता, जल व्यवस्था, और स्वास्थ्य सेवाओं की अच्छी व्यवस्था की गई है। साथ ही रास्ते में पर्याप्त रैन शेल्टर, गाइड, और सेवा दल भी मौजूद हैं।

स्थानीय लोगों को मिला लाभ
बढ़ती संख्या के चलते स्थानीय होमस्टे, टेंट कॉलोनियों और दुकानदारों की आय में भी इज़ाफा हुआ है। ग्रामीणों ने कहा कि इस सीज़न में उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिल रहा है।
पर्यटन विभाग ने भी इस बढ़ते रुझान को देखते हुए यात्री सुविधाओं के विस्तार की दिशा में काम शुरू कर दिया है।
प्रशासन ने की जनता से अपील
रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और मंदिर समिति ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपना पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराएं और सफर के दौरान नियमों का पालन करें।
मौसम को देखते हुए यात्रियों को हल्के गर्म कपड़े और बरसात का सामान साथ लाने की सलाह भी दी गई है।