उत्तराखंड: सीएम धामी ने 31 मार्च को उत्तराखंड के हरिद्वार, देहरादून नैनीताल और उद्यम सिंह नगर के कई स्थानों के नाम बदलने की घोषणा करी थी। सीएम धामी का यह निर्णय जनभावना और भारतीय संस्कृति के अनुरूप लिया गया था, जिससे लोग अपने इतिहास ,महापुरुषों, और सांस्कृतिक धरोहर से प्रेरणा ले सके। लेकिन देहरादून में स्थित मियांवला का नाम बदलने पर सरकार को काफी विरोध देखने को मिला,जिस कारण मियांवाला का नया नाम रामजीवाला हटा कर लोगों ने पुराने नाम को रखने की अपील करी। स्थानीय लोगों ने बताया कि मियां कोई जाती को नहीं दर्शाता है। ये नाम उत्तराखंड के राजपूतो से तालुक रखता है।
पुरस्कार सिंह धामी सरकार ने हाल ही में उत्तराखंड के देहरादून नैनीताल उद्यम सिंह नगर जिलों के कई स्थानों का नाम बदलने के आदेश जारी किए थे जिसके अंतर्गत मुस्लिम स्थानों के नाम बदल कर सांस्कृतिक नाम रखे गए। लेकिन उत्तराखंड के देहरादून स्थित मियांवला का नाम बदलने पर स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। लोगों ने बताया कि ये मियां नाम इस्लामिक नहीं है ये उत्तराखंड के पूर्वजो का उपनाम है।
आपको बता दे पुरानी किताबों में ये लिखा गया है कि मियावला गांव 1676 में आया था। 1717 से लेकर 1772 प्रदीप शाह के शासन तक मियां लोग यहां रहा करते थे।जिस कारण स्थानीय लोग चाहते हैं कि नाम बदलने से पहले जगह का सर्वे किया जाए , लोगों से बात चीत करने के बाद नाम का परिवर्तन किया जाए।
स्थानीय लोगों ने देहरादून के जिला अधिकारी को इस बात का ज्ञापन दिया और नाम बदलने के फैसले पर दुबारा सोचा जाए और पुराने नाम को न छोड़ा जाए। जिसके बाद सरकार ने ये फैसला करा की मियांवाला का नाम नहीं बदला जाएगा, जल्द ही नया आदेश जारी किया जाएगा जिसमें मियांवला का नाम मियांवाला ही रहने दिए जाएगा।