चम्पावत (लोहाघाट) — पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वो वीडियो जिसमें विधायक और थानेदार बीच हुई झड़प दिखाई गई थी, अब सामने आया है कि विवाद का जो दृश्य वायरल हुआ था — वो मात्र आधा सच दिखा रहा था। घटना 25 नवंबर को हुई थी, लेकिन पूरे मामले की सच्चाई अब सार्वजनिक हुई है।
क्या हुआ था — घटनाक्रम
25 नवंबर को चम्पावत जिले के पाटी गाँव में, 18 कुमाऊँ रेजिमेंट के जवान दीपक सिंह का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होना था। विधायक अधिकारी, श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।वहां गाड़ियों और जन सभा की व्यवस्थाओं के दौरान उन्होंने पाटी थाना के प्रभारी बिपुल जोशी से व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा। आरोप है कि एसओ ने उंगली खड़ी कर अशिष्ट व्यवहार किया। यह बात दोनों के बीच विवाद का कारण बनी।विवाद के दौरान सोशल मीडिया पर जो वीडियो।वायरल हुआ — उसमें केवल विधायक की चिल्लाहट और एसओ को दिखाया गया; लेकिन एसओ के पहले की गई हरकत या विवादित शुरुआत दिखाई नहीं गई। यानी वीडियो एडिटेड था।बाद में स्थानीय लोगों, सेना व पुलिस अधिकारियों की मध्यस्थता से मामला सुलझा लिया गया। प्रभारी एसओ ने अपनी गलती स्वीकार की और माफी भी मांगी। घटना वहीं शांत हो गई थी।
विधायक का बयान — “मेरी छवि खराब करने की साजिश”
विवादित वीडियो के वायरल होते ही विधायक अधिकारी ने मीडिया से कहा कि यह एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंनें आरोप लगाया कि केवल उनका गुस्सा दिखाकर, गाड़ी हटाने की मांग और एसओ के व्यवहार को छुपा कर उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश हुई है। उन्होंने कहा कि जो लोग यह वीडियो फैला रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। उनका कहना है कि यदि पूरा वीडियो सार्वजनिक किया जाए, तो सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी।
पुलिस प्रशासन की चुप्पी
इस घटना और वायरल वीडियो पर अभी तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।