मसूरी। मसूरी-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर होटल देवलोक के पास प्रतिधारक दीवार क्षतिग्रस्त होने के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल के निर्देश पर संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद के नेतृत्व में विभिन्न विभागों की टीम ने संयुक्त निरीक्षण किया।
संयुक्त निरीक्षण में खुलासा
निरीक्षण में पाया गया कि संबंधित संपत्ति 349.50 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में अनीता थलवाल, सुनीता धनई और सतीश गोयल के नाम दर्ज है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा आवासीय मानचित्र के तहत 420.66 वर्ग मीटर निर्माण की स्वीकृति दी गई थी।
हालांकि टीम को मौके पर अवैध खनन और मानकों के विपरीत खुदाई के साक्ष्य मिले। जेसीबी/एक्सकेवेटर से राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर खुदाई करने के कारण मलबा खिसक गया, जिससे प्रतिधारक दीवार पूरी तरह ध्वस्त हो गई और मार्ग असुरक्षित हो गया।
मार्ग बंद, वैकल्पिक रूट तय
जन सुरक्षा को देखते हुए मार्ग तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। यातायात को मोतीलाल नेहरू मार्ग, हाथीपांव मार्ग और नगर पालिका मार्ग से डायवर्ट किया गया है।
11.64 लाख का जुर्माना, 80 लाख की रिकवरी
जिला खान अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार 1522.50 घनमीटर (4384.80 टन) अवैध खनन पाया गया। इस पर तीन गुना रॉयल्टी दर से ₹11,64,164 का अर्थदंड निर्धारित किया गया है।
साथ ही, क्षतिग्रस्त प्रतिधारक दीवार के पुनर्निर्माण और अन्य नुकसान की भरपाई के लिए लगभग 80 लाख रुपये की रिकवरी (आरसी) संबंधितों से वसूली जाएगी।
FIR दर्ज, ध्वस्तीकरण के निर्देश
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई है।
एमडीडीए को स्वीकृत मानचित्र निरस्त कर निर्माण के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग एवं सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी और जनसुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।