देहरादून: राजधानी देहरादून के रेंजर ग्राउंड में 21 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक ‘‘दिव्य कला मेला’’ का आयोजन किया जाएगा। यह मेला भारत सरकार द्वारा संचालित नेशनल हैंडीकैप्ड फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NHFDC) के तत्वाधान में आयोजित हो रहा है।

प्रदेश में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित हो रहे इस मेले का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सीधे बाजार और रोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
अंतरराज्यीय प्रतिभाओं की अनोखी प्रदर्शनी
मेले में उत्तराखंड के 13 जनपदों से दिव्यांगजन भाग लेंगे और अपने उत्पादों व कौशल का प्रदर्शन विभिन्न स्टालों के माध्यम से करेंगे। इसके अलावा अन्य राज्यों से आने वाले दिव्यांग कलाकार और कारीगर भी अपने उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री करेंगे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आकर्षण का केंद्र
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि मेले में केवल उत्पादों की प्रदर्शनी ही नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। सृजन और उत्साह का यह संगम मेले का प्रमुख आकर्षण रहेगा।
छात्र-छात्राओं की सहभागिता
मेले में देहरादून के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राएं भी शामिल होंगे। इससे उन्हें दिव्यांगजनों द्वारा तैयार उत्पादों और उनके कौशल को करीब से देखने और समझने का अवसर मिलेगा।
जागरूकता और समावेशिता की दिशा में पहल
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि यह मेला समाज में दिव्यांगजनों की क्षमताओं और योगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से न केवल रोजगार और आर्थिक अवसर मिलेंगे, बल्कि समाज में समावेशिता और समान अवसरों के प्रति संवेदनशीलता भी बढ़ेगी।