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आंखों के सामने मामा को मार दी गोली, फिर भी नहीं हारी हिम्मत… नजाकत अली ने ऐसे बचाई 11 लोगों की जान

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकवादियों ने 28 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। मरने वाले लोगों में ज्यादातर पर्यटक थे। यह आतंकी हमला पहलगाम के बैसरन में हुआ, जिसे मिनी स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है। हमले के बाद एनआईए की टीम जांच में जुट गई है। मामले में बताया जा रहा है कि आतंकियों ने पर्यटकों से उनका धर्म पूछकर गोली मारी। इस बीच सोशल मीडिया पर एक दावा किया जा रहा है।

एक कश्मीरी व्यापारी जो एक शहर में ठंड के कपड़े, शॉल बेचने जाता था, किराये पर कमरा लेकर वहां रुकता था, जान पहचान हो गई, फिर उस शहर के कुछ लोग कश्मीर घूमने जाते हैं, उसे याद करते हैं, वो साथ हो लेता है, फिर पहलगाम में घूमने के दौरान जब आतंकी गोलियां चलाने लगते हैं तो वहीं कश्मीरी व्यापारी उनकी जान बचाने के लिए हर संभव कोशिश करता है, व्यापारी का नाम नज़ाकत अली है। शहर छत्तीसगढ़ का चिरमिरी है, रिश्ता इंसानियत का है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में पहलगाम के शॉल विक्रेता सज्जाद अहमद भट को हमले में घायल हुए एक पर्यटक को अपनी पीठ पर लादकर सुरक्षित स्थान पर ले जाते हुए देखा जा सकता है. वीडियो वायरल होने के बाद उन्होंने कहा, “… पहलगाम पोनी एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल वहीद वान ने हमारे समूह में बैसरन घाटी में हुई घटना के बारे में मैसेज दिया. इसलिए हम उनके साथ गए और दोपहर 3 बजे के आसपास उस स्थान पर पहुंचे. हमने घायलों को पानी पिलाया और जो चल नहीं सकते थे उन्हें उठाया..मानवता धर्म से पहले आती है. पर्यटकों की मदद करना हमारा कर्तव्य है क्योंकि वे हमारे मेहमान हैं और हमारी आजीविका उन पर निर्भर करती है. हम उनमें से कई को अस्पताल लेकर आए. हमें अपनी जान की परवाह नहीं थी क्योंकि जब हम वहां गए तो लोग मदद की गुहार लगा रहे थे. जब मैंने पर्यटकों को रोते हुए देखा तो मेरी आंखों में आंसू आ गए. उनके आने से हमारे घरों में दीये जल उठते हैं. उनके बिना हमारी ज़िंदगी अधूरी है.”

आदिल हुसैन ने कहा कि तुम लोग बेकसूर सैलानियों को क्यों मार रहे हो. इसके बाद आतंकियों ने आदिल को लात मारकर नीचे गिरा दिया. वह फिर उनसे लड़ने की कोशिश करता रहा, तभी पीछे से दूसरे आतंकी ने आदिल को तीन गोलियां मार दी और उसके मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, दूसरी तरफ आदिल हुसैन का भांजा नजाकत अली भी सैलानियों को बचाने की कोशिश कर रहा था.

सैयद हुसैन शाह ने बहादुरी दिखाई

एक अन्य वायरल वीडियो में स्थानीय लोग सैलानियों को पानी पिलाते और उन्हें ढांढस बंधाते दिख रहे हैं. सैयद हुसैन शाह ने सैलानियों को बचाने के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना बहादुरी दिखाई और अंततः आतंकियों की गोली का शिकार हो गए. उन्होंने कुर्बानी इंसानियत और एकता की सच्ची मिसाल पेश की है. पहलगाम के कपड़ा व्यापारी नजाकत अली ने अपनी जान जोखिम में डालकर बीजेपी नेता समेत 11 लोगों को सुरक्षित निकाला. इन घटनाओं के वीडियो और तस्वीरों ने आतंकी हमले के बाद लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है.

बीजेपी नेता बोले- जिंदगी भर नहीं चुका पाऊंगा एहसान
नजाकत अली के इस अदम्य साहस की हर तरफ प्रशंसा हो रही है. बीजेपी नेता अरविंद एस अग्रवाल ने उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं उनका एहसान जिंदगी भर नहीं चुका पाऊंगा. उन्होंने अपनी जान पर खेलकर मेरे परिवार के 11 लोगों की जान बचाई.

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