दिल्ली में स्ट्रीट डॉग्स पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, विरोध में भड़के डॉग लवर्स

दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राजधानी और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों को लेकर अहम फैसला सुनाया है। आदेश के मुताबिक, सभी स्ट्रे डॉग्स को पकड़कर शेल्टर में रखा जाएगा और उन्हें दोबारा सड़कों पर नहीं छोड़ा जाएगा। कोर्ट का मानना है कि बढ़ते डॉग-बाइट केस और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम ज़रूरी है।

 

विरोध की लहर – “अमानवीय फैसला” बताया

 

फैसले के तुरंत बाद कई एनिमल राइट्स ग्रुप्स, पशु प्रेमियों और लोकल डॉग फीडर्स ने इसका विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना है कि इतने कुत्तों के लिए शेल्टर की व्यवस्था न के बराबर है और उन्हें उनके इलाकों से हटाना न तो आसान है, न ही सही। कई लोगों ने तो इन कुत्तों को मोहल्ले का हिस्सा बताते हुए कहा, “ये हमारे परिवार जैसे हैं, इन्हें यहां से हटाना इनके साथ अन्याय होगा।”

 

 

PETA और मेनका गांधी भी मैदान में

 

PETA इंडिया ने कोर्ट के फैसले को “गैरवैज्ञानिक और अमानवीय” बताया, जबकि बीजेपी सांसद मेनका गांधी ने इसे “बेतुका और अव्यावहारिक” कहा। दोनों का कहना है कि स्थायी समाधान सिर्फ़ नसबंदी और टीकाकरण से ही संभव है, न कि कुत्तों को जबरन हटाने से।

 

सड़कों से सोशल मीडिया तक फैला विरोध

 

विरोध सिर्फ़ धरने और नारेबाज़ी तक ही नहीं रहा, सोशल मीडिया पर भी #SaveStrayDogs और #StopDogRelocation जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। इंडिया गेट और लोधी गार्डन जैसे इलाकों में लोगों ने पोस्टर लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। वहीं, कुछ जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प की खबर भी आई।

 

 

अब मामला फिर से सुनवाई के लिए कोर्ट में जाएगा, जहां उम्मीद है कि सभी पक्षों की बात सुनकर ऐसा रास्ता निकलेगा जिसमें लोगों की सुरक्षा और जानवरों के अधिकार — दोनों का ध्यान रखा जाए।

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