उत्तरकाशी: उत्तरकाशी जिले के धराली और आसपास के क्षेत्रों में आई भीषण आपदा ने तबाही की नई तस्वीर पेश कर दी है। 5 अगस्त को हुए बादल फटने और भूस्खलन के बाद से अब तक 42 लोगों के लापता होने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों परिवार बेघर हो गए हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं, लेकिन मौसम की मार ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
भारी तबाही, होटल-होमस्टे ढहे
आपदा के कारण धराली, हर्षिल और आसपास के इलाकों में करीब 40 होटल, होमस्टे और रिसॉर्ट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई इमारतें मलबे में दबी हुई हैं और संपर्क मार्ग टूटने से कई गांव अब भी बाहरी दुनिया से कटे हुए हैं। प्रभावित इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं ठप हैं।
राहत-बचाव में रेस्क्यू टीमों की जंग
सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें लगातार मौके पर मौजूद हैं। हेलीकॉप्टर की मदद से अब तक सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। कई इलाकों में रेस्क्यू टीम को जंगल के रास्ते और पैदल ट्रेक कर के पहुंचना पड़ रहा है, क्योंकि सड़कों पर मलबा जमा है।
मौसम ने डाली नई चुनौती
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे भूस्खलन और नदी-नालों में उफान की आशंका बनी हुई है। यह स्थिति राहत कार्य को और कठिन बना रही है।
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी ने कहा, “हमारी प्राथमिकता हर लापता व्यक्ति को खोज निकालना और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना है। सभी विभाग मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं, लेकिन खराब मौसम बड़ी चुनौती है।”