मध्य प्रदेश : योगगुरु बाबा रामदेव ने रविवार को देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने भगवानों के बीच भेदभाव करने वालों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। रामदेव ने कहा कि कुछ साधु-संत और कथाकार आस्था के नाम पर भगवानों को भी विभाजित करने में लगे हैं, जबकि सनातन परंपरा में सभी देवी-देवताओं को अभेद दृष्टि से देखा गया है।
बाबा रामदेव ने कहा कि राम, कृष्ण, हनुमान और शिव एक हैं। जो सीता-राम, राधा-कृष्ण, रुक्मिणी-कृष्ण और उमा-महेश्वर में भेद देखता है, उसे वेद और सनातन के रहस्य की समझ नहीं है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में एक ही सत्य को अलग-अलग नाम, रूप और स्वरूप में व्यक्त किया गया है।
देवी-देवताओं में भेद न करने की अपील
रामदेव ने कहा कि सनातन परंपरा में राम, कृष्ण और हनुमान सहित सभी देवी-देवताओं को अभेद दृष्टि से देखा गया है। जो लोग देवी-देवताओं में भेद करते हैं, उन्हें वेद, दर्शन, उपनिषद, रामायण, महाभारत, गीता और पुराणों का ठीक से अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी देवी-देवता के नाम पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।
योगगुरु ने सनातन परंपरा का विरोध करने वालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सनातन को मानने वालों को कम से कम अपने देवी-देवताओं के बीच किसी तरह का भेद नहीं करना चाहिए।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणी के बाद विवाद
बाबा रामदेव का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद हुआ था। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित रामकथा के दौरान शास्त्री ने दोनों के स्वरूप की तुलना करते हुए कहा था कि श्रीराम सीधे हैं, जबकि श्रीकृष्ण तीन जगह से टेढ़े होकर खड़े होते हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आलोचना का विषय बन गया था।
विवाद बढ़ने पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनकी मंशा भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के बीच किसी तरह का अंतर बताने की नहीं थी। उन्होंने कहा था कि यदि उनकी बातों से किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए क्षमा चाहते हैं। शास्त्री ने खुद को श्रीकृष्ण का भक्त बताते हुए कहा था कि वह भागवत कथा भी करते हैं और कृष्ण भक्ति में उनकी पूरी आस्था है।