देहरादून, 22 जुलाई 2025: उत्तराखंड के दो प्रमुख शहरों — देहरादून और हरिद्वार — को जल्द ही प्रदूषण रहित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की सौगात मिलने जा रही है। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत दोनों शहरों में 150 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारी पूरी कर ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित विभागों को योजना को शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए हैं।

हरित परिवहन की दिशा में बड़ा कदम
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इलेक्ट्रिक बसों का संचालन समयबद्ध तरीके से शुरू किया जाए। इसके तहत देहरादून और हरिद्वार में 28 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन पहले ही बनाए जा चुके हैं, और अन्य स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का कार्य जारी है।
राज्य सरकार का मानना है कि यह योजना न केवल प्रदूषण में कमी लाएगी बल्कि युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी देगी। अनुमान है कि इससे 750 से अधिक नौकरियाँ सृजित होंगी।

बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन होंगे अपग्रेड
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि बस डिपो, पेट्रोल पंप, सरकारी भवन, गेस्ट हाउस, पार्किंग स्थल और सार्वजनिक स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाएं, जिससे वाहन चालकों को चार्जिंग में किसी तरह की परेशानी न हो।

वहीं, राज्य सरकार प्रदेश में ग्रीन सेस (हरित कर) लागू करने पर भी विचार कर रही है, जिससे पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं को वित्तीय सहायता मिल सके।

क्या है पीएम ई-बस सेवा योजना?
यह केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसका उद्देश्य देश के प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से हरित और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। इसके तहत केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर बुनियादी ढांचे के विकास में सहयोग करती हैं।
स्मार्ट सिटी और मेट्रो प्रोजेक्ट से भी जुड़ाव
यह पहल स्मार्ट सिटी मिशन और प्रस्तावित देहरादून-मसूरी मेट्रो प्रोजेक्ट का पूरक मानी जा रही है। इससे न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आम नागरिकों को भी तेज, सस्ता और पर्यावरण हितैषी परिवहन विकल्प मिल सकेगा।