नालासोपारा : मुंबई के नालासोपारा इलाके में एक खौफनाक वारदात सामने आई है जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। यहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर न केवल अपने पति की हत्या की, बल्कि उसके शव को घर में ही फर्श के नीचे दफना दिया और ऊपर से टाइल्स लगवा दिए, ताकि कोई शक न कर सके।

घटना का खुलासा तब हुआ जब 21 दिन बाद मृतक के परिवार वालों ने लगातार गुमशुदगी की शिकायतें कीं और घर में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने जब घर की खुदाई करवाई, तो फर्श के नीचे से एक सड़ा-गला शव बरामद हुआ।
पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान विजय चव्हाण के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर के रहने वाले थे लेकिन पिछले कुछ वर्षों से मुंबई के नालासोपारा पूर्व के धनिव बाग इलाके में रह रहे थे। उनकी पत्नी चमन देवी उर्फ गुड़िया और उनके प्रेमी मोनू उर्फ मुन्नू विश्वकर्मा ने मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया।
पूरी योजना एक सोची-समझी साजिश के तहत रची गई थी। चमन देवी ने पहले ही अपने घर में एक गड्ढा खुदवाया था जिसकी लंबाई करीब 6 फीट और गहराई 3 फीट थी। हत्या के बाद शव को उसी में दफन किया गया और ऊपर से टाइल्स लगवा दी गईं। आरोप है कि इसके लिए मजदूरों को भी काम पर रखा गया, जिन्हें बताया गया कि यह रिनोवेशन का काम है।
हत्या के पीछे क्या था मकसद?
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि विजय ने हाल ही में बीमा और टैक्स रिटर्न के तहत करीब 6 लाख रुपये प्राप्त किए थे। इसके साथ ही उन्होंने घर की रजिस्ट्री भी अपनी पत्नी के नाम करवा दी थी। चमन देवी और उसका प्रेमी इस रकम को हड़पना चाहते थे। आरोप है कि हत्या के बाद उन्होंने विजय के बैंक अकाउंट से पैसे भी ट्रांसफर किए और कई बार OTP लेकर निकासी की।
बेटे को भी लेकर भागे थे आरोपी
हत्या के बाद आरोपी प्रेमी–प्रेमिका अपने 7 वर्षीय बेटे को भी साथ लेकर पुणे के हड़पसर इलाके में छुपे हुए थे। 22 जुलाई को पुलिस ने एक विशेष ऑपरेशन चलाकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया और बच्चे को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
पुलिस ने क्या कहा?
पेल्हर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मृतक के भाई अखिलेश चव्हाण की शिकायत पर IPC की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाने), और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विजय की मौत का असल कारण क्या था — गला घोंटकर मारा गया या किसी अन्य तरीके से।