नैनीताल में निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर शिकंजा, 46 स्कूलों ने लौटाए 39 लाख रुपये

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हल्द्वानी: नैनीताल जिले में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली के खिलाफ शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की कार्रवाई का असर अब दिखाई देने लगा है। अप्रैल 2026 में हुई जांच के दौरान जिले के 87 निजी विद्यालयों में नियमों के विपरीत शुल्क वसूले जाने की पुष्टि हुई थी। प्रशासन के निर्देश के बाद अब तक 46 स्कूलों ने अभिभावकों को 39 लाख 5 हजार 405 रुपये से अधिक की अतिरिक्त फीस वापस कर दी है।

 

शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अप्रैल माह में निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों से अतिरिक्त और नियमविरुद्ध शुल्क लिए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने जिले के निजी विद्यालयों में जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान 87 विद्यालयों में नियमों के विपरीत शुल्क वसूले जाने की पुष्टि हुई।

 

जांच के बाद प्रशासन ने संबंधित विद्यालयों को अतिरिक्त धनराशि अभिभावकों को वापस करने अथवा आगामी माह की फीस में उसका समायोजन करने के निर्देश दिए। मुख्य शिक्षा अधिकारी रंजीत सिंह नेगी के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के बाद अब तक 46 निजी विद्यालयों ने कुल 39 लाख 5 हजार 405 रुपये की अतिरिक्त फीस अभिभावकों को वापस कर दी है।

 

इसके अलावा 8 विद्यालयों ने नियमविरुद्ध बढ़ाई गई ट्यूशन फीस को कम किया है, जबकि 39 विद्यालयों ने मनमाने तरीके से वसूले जा रहे परीक्षा शुल्क में कमी की है। वहीं, 15 निजी विद्यालयों ने पंजीकरण शुल्क को कम या पूरी तरह समाप्त कर दिया है।

 

जांच के दौरान ट्रांसफर सर्टिफिकेट यानी टीसी के नाम पर भी अभिभावकों से मनमानी वसूली का मामला सामने आया। सरकार द्वारा निर्धारित टीसी शुल्क महज एक रुपये होने के बावजूद कुछ विद्यालय अभिभावकों से 100 से लेकर 1 हजार रुपये तक वसूल रहे थे। प्रशासन के निर्देश के बाद अब टीसी शुल्क को घटाकर एक रुपये कर दिया गया है। अतिरिक्त वसूली गई धनराशि को भी वापस किया गया है या आगामी फीस में समायोजित किया गया है।

 

मुख्य शिक्षा अधिकारी रंजीत सिंह नेगी ने बताया कि जिन विद्यालयों ने अभी तक अतिरिक्त शुल्क वापस नहीं किया है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों की मान्यता समाप्त करने की संस्तुति शासन को भेजी जा सकती है। उन्होंने बताया कि अभिभावक अपनी शिकायत मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय के ईमेल पर भेज सकते हैं।

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