देहरादून: उत्तराखंड शासन ने हरिद्वार जमीन घोटाला प्रकरण में कार्रवाई झेल चुके दो अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी है। इनमें IAS अधिकारी कर्मेंद्र सिंह और PCS अधिकारी अजयवीर शामिल हैं। दोनों अधिकारियों के नाम हरिद्वार जमीन घोटाला मामले की जांच में सामने आए थे और इनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति भी की गई थी।
शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार IAS अधिकारी कर्मेंद्र सिंह को अपर सचिव महिला कल्याण एवं बाल विकास की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं PCS अधिकारी अजयवीर को डोईवाला स्थित गन्ना चीनी मिल का अधिशासी अधिकारी बनाया गया है। दोनों अधिकारी लंबे समय से नई तैनाती का इंतजार कर रहे थे।
हरिद्वार जमीन घोटाला प्रकरण को लेकर शासन ने दोनों अधिकारियों को निलंबित किया था। मामले की जांच के बाद इनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। अब शासन ने निलंबन वापस लेते हुए दोनों अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंप दी है।
यह मामला सितंबर 2024 में सामने आया था। हरिद्वार नगर निगम की ओर से सराय गांव में कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस दौरान जमीन के उपयोग को कृषि से व्यावसायिक में परिवर्तित किया गया, जिसके बाद उसकी कीमत बढ़ गई। आरोप लगा कि निजी व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बढ़ी हुई कीमत पर जमीन की खरीद की गई।
मामले की जांच आगे बढ़ने पर IAS, PCS समेत कई विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। तत्कालीन हरिद्वार नगर निगम नगर आयुक्त IAS अधिकारी वरुण चौधरी के खिलाफ भी सरकार ने बर्खास्तगी की सिफारिश की है। जमीन खरीद प्रकरण में कई स्तरों पर जांच के बाद अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुतियां की गई थीं।
अब कर्मेंद्र सिंह और अजयवीर का निलंबन वापस लेकर उन्हें नई तैनाती दिए जाने के बाद हरिद्वार जमीन घोटाला प्रकरण एक बार फिर चर्चा में है।