तिब्बत से आई बाढ़ ने नेपाल में मचाई तबाही, 105 भारतीय लापता; 400 से ज्यादा लोग अब भी गायब

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काठमांडू: उत्तरी नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने सीमावर्ती इलाकों में भारी तबाही मचा दी। तिब्बत की ओर से आए तेज पानी के कारण रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। बाढ़ के बाद करीब 400 लोगों के लापता होने की सूचना है, जिनमें कम से कम 105 भारतीय नागरिक शामिल हैं। नदी किनारे बसे इलाकों में कई घर, वाहन और अन्य संपत्तियां बह गईं, जबकि करीब एक दर्जन पनबिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

 

बताया गया कि बुधवार सुबह करीब नौ बजे भोटे कोशी नदी में अचानक पानी बढ़ा। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, रसुवा में बाढ़ के कारण कुल 384 यात्री लापता हैं। इनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। लापता विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय पर्यटक और 37 एनआरआई बताए गए हैं। इसके अलावा अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड के नागरिक भी शामिल हैं। लापता भारतीयों में तमिलनाडु के 37 लोग बताए गए हैं।

 

बाढ़ से रसुवा जिले के तिमुरे और स्याफ्रुबेसी इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। नेपाल सेना के अनुसार, अचानक बढ़े पानी में वाहन, सामान और अन्य संपत्तियां बह गईं। हाल ही में बनाया गया एक पुल भी बाढ़ की चपेट में आकर नष्ट हो गया। रसुवा के कस्टम्स परिसर में खड़े कई वाहन और वहां रखा सामान भी बह गया।

 

स्थिति को देखते हुए नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन और गोरखा में नदी किनारे रहने वाले लोगों को हाई अलर्ट पर रहने और सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है। अधिकारियों के मुताबिक बाढ़ का स्तर असामान्य रूप से काफी अधिक था और दो बस्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है।

 

बाढ़ के बाद नेपाल सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। रसुवा और आसपास के इलाकों में नेपाल सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स और नेपाल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। नेपाली सेना ने खोज और बचाव अभियान के लिए त्रिशूली नदी के आसपास दो हेलीकॉप्टर भेजे हैं। इमरजेंसी मेडिकल रेस्क्यू टीम से लैस एक हेलीकॉप्टर त्रिशूली जिला अस्पताल की ओर भी रवाना किया गया है।

 

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत की और बाढ़ में हुई जान-माल की क्षति पर संवेदना जताई। पीएम मोदी ने नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत नेपाल के लोगों के साथ खड़ा है और दोनों देशों की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में मिलकर काम कर रही हैं।

 

नेपाल पर्यटन बोर्ड ने बाढ़ में फंसे लोगों और उनके परिजनों की सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और टूरिस्ट पुलिस नंबर 9851289445 जारी किया है।

 

अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ से हुए नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं हो पाया है। नुकसान से जुड़े आंकड़े जुटाने का काम जारी है। भोटे कोशी नदी आगे चलकर त्रिशूली और फिर नारायणी/गंडक नदी का रूप लेते हुए बिहार से होकर गंगा में मिलती है। इसलिए निचले इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।

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