चुनाव आयोग का नोटिस आया है? घबराएं नहीं, इन दस्तावेजों से कराएं विसंगतियों का निस्तारण

देहरादून: उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने का मतलब नाम कटना नहीं है। यदि मतदाता समय पर आवश्यक दस्तावेज जमा कर देते हैं, तो विसंगतियों का आसानी से निस्तारण कराया जा सकता है।

 

आयोग ने आठ प्रमुख प्रकार की विसंगतियों के आधार पर नोटिस जारी किए हैं। प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग-अलग दस्तावेज निर्धारित किए गए हैं।

 

इन 8 विसंगतियों पर भेजे जा रहे हैं नोटिस

 

1. मतदाता और माता-पिता की आयु में 15 वर्ष से कम का अंतर

 

मतदाता की आयु का प्रमाण (10वीं की मार्कशीट, जन्म प्रमाणपत्र आदि)

 

माता या पिता की आयु का प्रमाण

 

यदि माता-पिता नहीं हैं तो बीएलओ की रिपोर्ट पर्याप्त होगी।

 

 

2. मतदाता और माता-पिता की आयु में 50 वर्ष से अधिक का अंतर

 

मतदाता और माता-पिता की आयु संबंधी दस्तावेज

 

माता-पिता नहीं होने पर बीएलओ रिपोर्ट तैयार करेंगे।

 

 

3. मतदाता और दादा-दादी/नाना-नानी की आयु में 40 वर्ष से कम का अंतर

 

एंट्री त्रुटि होने पर बीएलओ की रिपोर्ट

 

यदि दादा-दादी या नाना-नानी नहीं हैं तो ग्राम प्रधान या जनप्रतिनिधि से प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकते हैं।

 

 

4. भाई-बहन की आयु में नौ महीने से कम का अंतर

 

दोनों के जन्म प्रमाणपत्र

 

बीएलओ जांच के बाद रिपोर्ट भेजेंगे।

 

 

5. एक मतदाता के साथ छह से अधिक संतानों की मैपिंग

 

बीएलओ मौके पर सत्यापन कर रिपोर्ट तैयार करेंगे।

 

 

6. संबंधी के नाम में विसंगति

 

ऐसा दस्तावेज जिसमें सही नाम दर्ज हो।

 

 

7. मतदाता के स्वयं के नाम में विसंगति

 

10वीं का प्रमाणपत्र या अन्य वैध दस्तावेज जिसमें सही नाम अंकित हो।

 

 

8. पिछली एसआईआर मतदाता सूची में अनमैप्ड

 

39 वर्ष या अधिक आयु: आयोग की सूची में शामिल 11 दस्तावेजों में से कोई एक।

 

22 से 38 वर्ष: दो दस्तावेज (एक अपना और एक माता या पिता का)।

 

19 से 21 वर्ष: तीन दस्तावेज (एक अपना, एक माता का और एक पिता का)।

 

 

ये दस्तावेज होंगे मान्य

 

केंद्र/राज्य सरकार, पीएसयू कर्मचारी या पेंशनभोगी का पहचान पत्र

 

1 जुलाई 1987 से पहले जारी सरकारी/बैंक/डाकघर/एलआईसी/पीएसयू का पहचान या प्रमाणपत्र

 

जन्म प्रमाणपत्र

 

वैध पासपोर्ट

 

10वीं का प्रमाणपत्र

 

स्थायी निवास प्रमाणपत्र

 

वन अधिकार प्रमाणपत्र

 

ओबीसी/एससी/एसटी या अन्य जाति प्रमाणपत्र

 

राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) से संबंधित दस्तावेज

 

सरकारी परिवार रजिस्टर

 

सरकार द्वारा जारी भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र

 

आधार कार्ड

 

 

चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि नोटिस मिलने पर घबराने के बजाय संबंधित बीएलओ से संपर्क कर समय पर आवश्यक दस्तावेज जमा करें, ताकि मतदाता सूची में उनका नाम सुरक्षित बना रहे।

 

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