देहरादून : NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को उत्तराखंड भाजपा ने छात्र हित में उठाया गया कदम बताया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि यह इस्तीफा किसी दबाव में नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी के तहत लिया गया है।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि देशभर में NEET को लेकर जो आंदोलन हुआ, उसमें छात्रों की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था। इसी को देखते हुए केंद्रीय मंत्री ने पद छोड़कर एक कठिन लेकिन जरूरी फैसला लिया। उनके अनुसार मोदी सरकार की पहचान ही यही है कि वह जनभावनाओं का सम्मान करती है।
सरकार ने गंभीरता से लिया मामला
महेंद्र भट्ट ने कहा कि सरकार ने शुरुआत से ही इस मुद्दे को गंभीरता से लिया। CBI जांच के आदेश दिए गए, 3 मई की परीक्षा रद्द कर 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई और 2027 से NEET को पूरी तरह CBT मोड में करने की घोषणा भी की गई।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद जब छात्रों के बीच असंतोष बना रहा तो सरकार ने जनभावना को प्राथमिकता देते हुए बड़ा निर्णय लिया।
“आंदोलन में फैलाया गया भ्रम”
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पेपर लीक के नाम पर कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने का काम किया। असल मुद्दे से ध्यान हटाकर भ्रम फैलाया गया। इसका असर सिर्फ प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर ही नहीं, बल्कि घर बैठे तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों पर भी पड़ा।
उन्होंने कहा कि भाजपा का रुख शुरू से साफ था कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
इस्तीफा जिम्मेदारी का प्रतीक
महेंद्र भट्ट ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में कई बार ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं जो व्यक्तिगत तौर पर कठिन होते हैं, लेकिन बड़े हित में जरूरी होते हैं। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी उसी सोच का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि इस फैसले से सरकार ने यह संदेश दिया है कि वह छात्रों की बात सुनती है और उनकी चिंताओं को गंभीरता से लेती है।
विपक्ष पर साधा निशाना
महेंद्र भट्ट ने विपक्ष पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने पेपर लीक जैसे संवेदनशील मुद्दे को अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया। इससे छात्रों में भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी।
क्या था पूरा मामला
3 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा के बाद पेपर में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने दोबारा परीक्षा कराई। इसी बीच शुक्रवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा सौंप दिया।