हरिद्वार में बढ़ा गंगा का जलस्तर, चेतावनी स्तर पर पहुंची नदी; प्रशासन अलर्ट, निचले इलाकों में सतर्कता

हरिद्वार: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब मैदानी क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़कर चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गया है। श्रीनगर डैम और पशुलोक बैराज से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद भीमगोड़ा बैराज पर गंगा का जलस्तर 293 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 294 मीटर है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं।

 

निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

 

गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले और तटीय क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी करते हुए बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। गंगा किनारे बसे गांवों और बस्तियों में लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।

 

यूपी सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर हरीश कुमार ने बताया कि गंगा का जलस्तर लगातार मॉनिटर किया जा रहा है और हर पल की जानकारी जिला प्रशासन एवं उच्चाधिकारियों को दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है।

 

भगत सिंह चौक समेत कई क्षेत्रों में जलभराव

 

तेज बारिश के चलते हरिद्वार के भगत सिंह चौक, कनखल लाटोवाली और ज्वालापुर क्षेत्रों में एक बार फिर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सुबह नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और पंपों की सहायता से पानी की निकासी शुरू कराई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या कई दशकों से बनी हुई है और इसके स्थायी समाधान के लिए व्यापक ड्रेनेज योजना की आवश्यकता है।

 

बारिश के बीच भी जारी रही कांवड़ियों की आस्था

 

हालांकि 30 जुलाई से कांवड़ मेले की औपचारिक शुरुआत होनी है, लेकिन उससे पहले ही बड़ी संख्या में शिवभक्त गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंच रहे हैं। लगातार बारिश के बावजूद कांवड़ियों का उत्साह कम नहीं हुआ और श्रद्धालु गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना होते रहे।

 

डीएम मयूर दीक्षित ने दिए सतर्कता के निर्देश

 

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बाढ़ चौकियों को हाई अलर्ट पर रखने, गंगा तटीय क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और नदी किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

 

जिला प्रशासन के अनुसार एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात कर दी गई हैं तथा किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

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