देहरादून: श्रावण मास में शुरू हो रही कांवड़ यात्रा के मद्देनज़र उत्तराखंड प्रशासन ने ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा प्लान तैयार किया है। हर साल लाखों कांवड़िए हरिद्वार और अन्य धार्मिक स्थलों की ओर बढ़ते हैं, ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करने और सुचारू यातायात के लिए रूट डायवर्जन, भारी वाहनों पर रोक, ड्रोन निगरानी और पुलिस बल की तैनाती जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
जाने रूट डायवर्जन व्यवस्था:
प्रशासन द्वारा जारी ट्रैफिक प्लान के अनुसार
*देहरादून–हरिद्वार मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। इन्हें रामपुर–छुटमलपुर–यमुनानगर–कर्नाल मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा।
*हरिद्वार शहर में कांवड़ यात्रा के दौरान वाहनों को वाल्मीकि चौक → शिवमूर्ति चौक → हर की पौड़ी की ओर सीमित कर दिया गया है।
*देहरादून और दिल्ली के बीच चलने वाली बस सेवाएं भी वैकल्पिक मार्गों से संचालित होंगी।
साथ ही ट्रैफिक विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि यात्रा अवधि में निजी वाहनों का उपयोग कम करें और प्रशासन द्वारा जारी मार्गों का पालन करे।
जानकारी के अनुसार कांवड़ यात्रा के दौरान 5,500 से अधिक पुलिसकर्मी व सुरक्षाकर्मी पूरे कांवड़ रूट पर तैनात किए जाएंगे।
पूरा क्षेत्र जोन व सुपर ज़ोन में बांटा गया है ताकि निगरानी में आसानी हो सके।सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और निगरानी टावर से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
कांवड़ मार्ग पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है। दुकानदारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने दुकानों के बाहर नाम और मोबाइल नंबर दर्शाएं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा, “कांवड़ यात्रा की गरिमा और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की अफवाह से बचें और प्रशासन का सहयोग करें।”
साथ ही प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें, यात्रा से पूर्व ट्रैफिक एडवाइजरी अवश्य देखें, और जहां संभव हो वहां यात्रा को टालें।